राजनाथ सिंह के बेटे डॉ. नीरज सिंह की राहुल गांधी के गढ़ में एंट्री, बिजेपी ने रायबरेली में दी बड़ी जिम्मेदारी

यूपी तक

• 12:35 PM • 20 Sep 2026

Neeraj Singh Raebareli Incharge: बीजेपी ने 2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में बड़ा बदलाव किया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे डॉ. नीरज सिंह को राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली का प्रभारी बनाया गया है.

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Neeraj Singh Raebareli Incharge: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां अभी से तेज कर दी हैं. संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 19 सितंबर 2026 को 98 जिलों और महानगरों के लिए नए प्रभारियों की सूची जारी की है. इस लिस्ट में सबसे बड़ी और अहम जिम्मेदारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे डॉ. नीरज सिंह को दी गई है. उन्हें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली का प्रभारी बनाया गया है. 

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रायबरेली में नीरज सिंह को कमान

बीजेपी की तरफ से जारी की गई इस नई सूची में पश्चिम, ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर क्षेत्र के प्रभारियों के नाम शामिल हैं. इसमें सबसे ज्यादा चर्चा रायबरेली जिले की हो रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस मजबूत गढ़ में बीजेपी ने संगठन को धार देने के लिए डॉ. नीरज सिंह पर पूरा भरोसा जताया है. नीरज सिंह अब रायबरेली में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को देखेंगे और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बनाने की अहम जिम्मेदारी संभालेंगे.

जिम्मेदारी मिलने के बाद जताया आभार

रायबरेली का जिला प्रभारी बनाए जाने पर डॉ. नीरज सिंह ने खुशी जताते हुए सोशल मीडिया पर पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, यूपी के मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह का आभार व्यक्त किया है. नीरज सिंह ने लिखा कि शीर्ष नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसके लिए वह कृतज्ञ हैं. 

यूपी विधानसभा चुनाव की खास तैयारी

बीजेपी ने संगठन में यह बड़ा फेरबदल ऐसे समय में किया है जब पूरे प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीतियां बनाई जा रही हैं. रायबरेली जैसे राजनीतिक रूप से चर्चित जिले में नीरज सिंह को कमान सौंपकर पार्टी ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं. जिला प्रभारी की भूमिका पार्टी के कार्यक्रमों और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच संबंध मजबूत करने में बहुत जरूरी होती है. ऐसे में इस नियुक्ति को आने वाले चुनावों की खास तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है.