Raebareli Weather Update: जनपद में बृहस्पतिवार भोर से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने लोगों को उमस और भीषण गर्मी से आंशिक राहत जरूर दिलाई है, लेकिन मानसून की धीमी चाल अब भी चिंता का सबब बनी हुई है. जून और जुलाई का महीना सूखा ही बीत गया और अब अगस्त की शुरुआत में भी बादलों का वह रूप देखने को नहीं मिल रहा, जिसकी उम्मीद जताई जा रही थी. मुसलाधार बारिश न होने के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी होती जा रही हैं.
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गर्मी से मिली राहत, सुहाना हुआ मौसम
बीते कई दिनों से कड़क धूप और उमस से बेहाल जिलेवासियों के लिए भोर में शुरू हुई बूंदाबांदी राहत की खबर लेकर आई. सुबह-सुबह हुई रिमझिम फुहारों से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंडी हवाओं के चलने से मौसम खुशनुमा हो गया. स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों ने खुशनुमा मौसम के बीच दिन की शुरुआत की.
सूख रही धान की फसल, किसान परेशान
राहत के बीच सबसे बड़ा संकट अन्नदाता पर मंडरा रहा है. मानसून के कमजोर पड़ने से जिले में जरूरत के मुताबिक बारिश नहीं हो सकी है. मुख्य फसल धान की रोपाई के बाद अब पौधों को भरपूर पानी की जरूरत है, लेकिन नहरों और नलकूपों के सहारे भी खेतों की सिंचाई पूरी नहीं हो पा रही है. पानी के अभाव में कई इलाकों में धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है.
अगस्त से आस, बादलों की बेरुखी बरकरार
किसानों का कहना है कि जून और जुलाई में अच्छी बारिश की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हो सकी. अब अगस्त माह की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन बादल सिर्फ घुमड़कर छंट जा रहे हैं. यदि अगले कुछ दिनों में झमाझम बारिश नहीं हुई, तो फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. कृषि विशेषज्ञों ने भी किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल उपलब्ध संसाधनों से नमी बनाए रखने का प्रयास करें.
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