Raebareli Mandi Rate Today 7th july 2026: मानसून की दस्तक के साथ ही आम जनमानस पर महंगाई की दोहरी मार पड़नी शुरू हो गई है, जिले की नवीन सब्जी मंडी में सब्जियों के थोक दाम अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद फुटकर बाजार में उपभोक्ताओं की जेब जमकर काटी जा रही है. मंडियों और रिहायशी इलाकों की फुटकर दुकानों के बीच करीब 15 से 20 फीसदी और कुछ मुख्य सब्जियों में तो दोगुने से भी अधिक का अंतर देखने को मिल रहा है. लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों से होने वाली सब्जियों की आवक पूरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके चलते शहरवासियों को महंगे दामों पर सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं.
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बाहरी राज्यों पर बढ़ी निर्भरता
स्थानीय स्तर पर सब्जियों का उत्पादन और आवक बंद होने की वजह से अब जिला बाहरी राज्यों की खेप पर निर्भर हो गया है. इन दिनों शहर में टमाटर बंगलूरू व हिमाचल से, प्याज महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से और अदरक कर्नाटक से मंगाया जा रहा है. वहीं, तीखी हुई हरी मिर्च की आवक रामपुर से हो रही है. व्यापारियों का कहना है कि लंबी दूरी और भारी परिवहन खर्च (भाड़े) की वजह से भी सब्जियों के दामों में यह उछाल आया है.
थोक और फुटकर के भाव में भारी अंतर
मंडी में टमाटर का थोक भाव करीब 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम रहा. वहीं मोहल्लों की दुकानों पर यही टमाटर 60 से 70 रुपये प्रति किलो बिका.प्याज 22 से 25 रुपये किलो थोक में और 35 से 40 रुपये किलो फुटकर में बेचा गया. हरी मिर्च का थोक भाव 30 रुपये किलोग्राम रहा और बाजार में यह 50-80 रुपये किलो तक पहुंच गई.
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