Raebareli News: 3 सेंटरों में बिजली नहीं, 3 में मशीनें गायब, रायबरेली में लाखों की लागत से बने 6 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर ठप

Newzo

• 10:58 AM • 06 Jul 2026

Raebareli Waste Management: स्वच्छ भारत मिशन के तहत रायबरेली में लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए छह प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर शुरू होने से पहले ही बदहाल हो गए हैं. कहीं बिजली नहीं, तो कहीं मशीनें गायब हैं.नतीजतन प्लास्टिक कचरे का निस्तारण ठप है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी जल्द संचालन शुरू कराने का दावा कर रहे हैं.

3 सेंटरों में बिजली नहीं, 3 में मशीनें गायब, रायबरेली में लाखों की लागत से बने 6 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर ठप

3 सेंटरों में बिजली नहीं, 3 में मशीनें गायब, रायबरेली में लाखों की लागत से बने 6 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर ठप

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Raebareli Waste Management: जनपद में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये की लागत से तैयार किए गए प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (PWMU) सेंटर विभागीय लापरवाही के चलते सफेद हाथी साबित हो रहे हैं. 'प्लास्टिक कचरे से सड़क' बनाने का जो सपना संजोया गया था, वह जमीनी धरातल पर साकार नहीं हो पा रहा है. आलम यह है कि जिले में छह अलग-अलग स्थानों पर पीडब्लूएमयू सेंटर तो बना दिए गए हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में इनका संचालन पूरी तरह ठप पड़ा है. इन सेंटरों के न चलने से ग्रामीण क्षेत्रों से न तो प्लास्टिक कचरा एकत्रित हो पा रहा है और न ही उसका सही तरीके से निस्तारण हो रहा है.

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​तीन जगहों पर बिजली नहीं, तीन में मशीनें नदारद

​विभाग की आधी-अधूरी तैयारियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छह सेंटरों में से तीन बिजली के अभाव में बंद हैं, तो तीन मशीनों की कमी से जूझ रहे हैं. जनपद के महराजगंज के मोन गांव, शिवगढ़ के बेड़ारू व जगतपुर के भींख में सेंटर की बिल्डिंग बनकर पूरी तरह तैयार है, लेकिन यहां बिजली का कनेक्शन तक नहीं हो पाया है। वहीं दूसरी ओर, डीह के पेठई, राही के भदोखर और लालगंज के बहाई ग्राम पंचायत में सेंटर तो बने हैं, मगर वहां निस्तारण के लिए आवश्यक मशीनें ही नहीं लगाई गई हैं.

​ढाई साल से बिजली कनेक्शन का इंतजार

​लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण शिवगढ़ क्षेत्र में देखने को मिलता है. यहां करीब ढाई साल पहले ₹16 लाख की भारी-भरकम लागत से गोविंदपुर ग्राम पंचायत में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर का निर्माण कराया गया था. ढाई वर्ष का लंबा समय बीत जाने के बाद भी विभाग इस सेंटर पर एक अदद बिजली का कनेक्शन नहीं करा सका है, जिससे पूरी लागत धूल फांक रही है. इसके अलावा, जिन ग्राम पंचायतों में सेंटर बनाए गए हैं, वहां सफाई कर्मियों तक की तैनाती नहीं की गई है, जिससे परिसरों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है.

​DPRO विनय सिंह ने बताया कि मोन व बेड़ारू में बने सेंटरों में बिजली के कनेक्शन क्षेत्र पंचायत की निधि से कराए जाएंगे, अन्य जगहों पर मशीनों के टेंडर हो चुके हैं. जल्द ही सभी सेंटरों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा. उधर सीडीओ अंजुलता ने बताया कि ​जगतपुर के भींख में लगी मशीन को बदला जाएगा. इसके साथ ही अन्य सभी प्रभावित जगहों पर भी आवश्यक कमियों को दूर कर जल्द ही संचालन शुरू कराया जाएगा.