Raebareli Health News: मौसम में बदलाव के साथ रायबरेली जिले में संक्रामक रोगों का असर तेजी से बढ़ने लगा है. जिला अस्पताल समेत सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 2,000 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जिनमें लगभग 60 प्रतिशत मरीज संक्रामक बीमारियों से पीड़ित पाए गए.
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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. पुष्पेंद्र कुमार के अनुसार, अस्पताल में इन दिनों बुखार, डायरिया, त्वचा रोग और अन्य मौसमी संक्रमण के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. इनमें सबसे अधिक 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चे शामिल हैं. अस्पताल में सभी मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है.
हालांकि, जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में चिकित्सकों की कमी और संसाधनों के अभाव के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई स्थानों पर मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है या जिला अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है.
जिले की 19 सीएचसी और 54 पीएचसी में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. चिकित्सकों के अनुसार बारिश और उमस के कारण बुखार, डायरिया, त्वचा रोग तथा मच्छर जनित बीमारियों के मामलों में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. शिवगढ़ सीएचसी के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार शुक्ल ने बताया कि पहले जहां प्रतिदिन करीब 1,500 मरीज ओपीडी में आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 1,800 तक पहुंच गई है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद जलभराव, नालियों में जमा गंदगी और खुले में फैला कचरा मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है. इसके चलते डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. इसके अलावा सर्दी-जुकाम, चर्म रोग और पेट संबंधी संक्रमण के मामलों में भी इजाफा देखा जा रहा है.
लालगंज क्षेत्र के साकेत नगर, भेंडा सेंटर, आलमपुर ग्राम पंचायत, निराला नगर, पूरे नौहानी और गायत्री पुरम समेत कई इलाकों में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है. उनका कहना है कि यदि समय रहते सफाई और फॉगिंग नहीं कराई गई, तो डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई क्षेत्रों में यह अभियान अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पा रहा है. लोगों ने नियमित सफाई, जलनिकासी और फॉगिंग अभियान तेज करने की मांग की है.
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