Raebareli Gold Silver Rate 3rd July 2026: सोने और चांदी के दामों में आई नरमी ने सराफा बाजार की रौनक को एक बार फिर लौटा दिया है. वैश्विक स्तर पर हुए बदलावों के कारण दोनों बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिसका सीधा फायदा उठाने के लिए ग्राहक बाजारों का रुख कर रहे हैं. सहालग (शादियों के सीजन) की तैयारी में जुटे परिवारों के साथ-साथ आभूषणों के शौकीन लोग भी जमकर जेवरों की खरीदारी कर रहे हैं.
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इसके साथ ही, कीमतें कम होने से निवेशकों ने भी पीली (सोना) और सफेद (चांदी) धातु में निवेश करना तेज कर दिया है. स्थानीय सराफा व्यापारियों ने बताया कि दोनों धातुओं के दाम गिरने से बाजार में ग्राहकों की संख्या अचानक बढ़ गई है.
पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों का दिखा असर
सराफा कारोबारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया संकट के चलते सोने और चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे थे. हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौतों के बाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव से कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. इस नरमी का फायदा बड़े शोरूमों के साथ-साथ छोटे सराफा व्यापारियों को भी मिल रहा है, जिनकी दुकानों पर ग्राहक आभूषण खरीदने पहुंच रहे हैं.
18 से 24 कैरेट के साथ 9 कैरेट गोल्ड भी पसंद
बाजार में इन दिनों जेवर बनवाने के लिए लोग मुख्य रूप से 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड को तरजीह दे रहे हैं. वहीं, हल्के वजन, ट्रेंडी डिजाइन और फैशन के लिहाज से अब 9 कैरेट गोल्ड को भी काफी पसंद किया जा रहा है.
इंपोर्ट ड्यूटी कम हो तो और गिरे भाव
व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान में सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) 15 फीसदी है, जिसके कारण सोना अभी भी ऊंचे स्तर पर है. यदि सरकार इस इंपोर्ट ड्यूटी को कम कर देती है, तो घरेलू बाजार में सोने के दामों में और बड़ी गिरावट आ सकती है. हालांकि, मौजूदा गिरावट को व्यापारी पूरी तरह स्थायी नहीं मान रहे हैं.
भीषण गर्मी और मानसून की देरी से प्रभावित हुआ था व्यापार
इस बार अप्रैल से लेकर जून तक पड़ी भीषण गर्मी का सीधा असर सराफा बाजार पर देखा गया. सराफा कारोबारी शुभम वर्मा ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण लोग दोपहर में घरों से बाहर कम निकले, जिससे हर साल की तुलना में इस बार व्यापार में काफी गिरावट दर्ज की गई. पिछले दो महीनों से बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ था. इसके साथ ही, मानसून के समय पर न आने का असर भी बाजार की रफ्तार पर पड़ा है. हालांकि, अब जुलाई में मौसम के अनुकूल होने की उम्मीद के साथ व्यापारियों को कारोबार में और अधिक तेजी आने की पूरी संभावना दिख रही है.
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