Raebareli Weather: रायबरेली में मौसम का बदला मिजाज, आंधी-बारिश से मिली भीषण गर्मी से राहत, चरमराई बिजली व्यवस्था ने बढ़ाईं मुश्किलें

Raebareli Weather 1 July 2026: रायबरेली में आंधी-बारिश से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई. पेड़ गिरने से सड़कें बंद रहीं, कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही और किसानों समेत आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी. विभाग मरम्मत कार्य में जुटा है.

रायबरेली में मौसम का बदला मिजाज, आंधी-बारिश से मिली भीषण गर्मी से राहत, चरमराई बिजली व्यवस्था ने बढ़ाईं मुश्किलें

रायबरेली में मौसम का बदला मिजाज, आंधी-बारिश से मिली भीषण गर्मी से राहत, चरमराई बिजली व्यवस्था ने बढ़ाईं मुश्किलें

Newzo

01 Jul 2026 (अपडेटेड: 01 Jul 2026, 12:29 PM)

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Raebareli News: मंगलवार को करीब आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश और देर रात चली ठंडी हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, इस सुहावने मौसम के साथ आई तेज आंधी ने जिले की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. 

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सड़क पर गिरे पेड़, ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभालकर हटाया
सोमवार शाम और मंगलवार को आई तेज आंधी के कारण रायबरेली-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगोहां के पास और फुर्सतगंज रोड मऊ मार्ग पर रेलवे स्टेशन के पास कई विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गए. इससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और लंबा जाम लग गया. हैरानी की बात यह रही कि इस संकट के दौरान वन विभाग या एनएचएआई (NHAI) का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा. आखिरकार, राहगीरों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से खुद कुल्हाड़ी उठाकर पेड़ों को काटा और सड़क से हटाकर आवागमन बहाल कराया. 

बिजली व्यवस्था बेपटरी, अघोषित कटौती से उपभोक्ता बेहाल
आंधी-बारिश के बाद जिले की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह लड़खड़ा गई है. शहर में जहां दो से तीन घंटे की कटौती हो रही है, वहीं ग्रामीण इलाकों में सात से आठ घंटे तक की भारी अघोषित कटौती की जा रही है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि दिन में भी 'लोकल फॉल्ट' के नाम पर घंटों बिजली गुल रखी जा रही है. सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर है कि संकट के समय बिजली विभाग के अधिकारी उपभोक्ताओं के फोन तक नहीं उठा रहे हैं. 

जगतपुर, कटघर, डलमऊ, उत्तरपारा, सरेनी उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में बिजली संकट सबसे गंभीर बना हुआ है. जर्जर तार टूटने और पुराने ट्रांसफार्मर फुंकने की वजह से कई इलाके अंधेरे में डूबे हैं. धान की रोपाई के इस महत्वपूर्ण समय में बिजली न मिलने से किसानों की चिंताएं और बढ़ गई हैं. 

सुबह से शुरू हुआ मरम्मत कार्य, कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल
बिजली संकट को देखते हुए विभाग सुबह से ही मुस्तैद नजर आया. अवर अभियंता राम अचल गुप्ता ने बताया कि कर्मचारियों ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ों को काटकर हटाया और आंधी से टूटे तारों को जोड़ने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया. उन्होंने बताया कि प्रयास यही है कि प्रभावित गांवों की आपूर्ति अतिशीघ्र बहाल की जा सके.