School Vehicle Safety Raebareli: जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर परिवहन विभाग बेहद सख्त हो गया है. स्कूल बसों और बच्चों को ढोने वाले निजी वाहनों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए विभाग 1 से 15 जुलाई तक विशेष अभियान 'मिशन सेफ फ्यूचर' चलाने जा रहा है. इसके तहत बिना फिटनेस, बिना परमिट या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सीधे चालान और सीज की सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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एआरटीओ (प्रवर्तन) उमेश कटियार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी स्कूली वाहनों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करवाकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. लापरवाही बरतने वाले स्कूल संचालकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
दो चरणों में चलेगा अभियान, ऐसे कसेगा शिकंजा
परिवहन विभाग ने इस विशेष अभियान को दो चरणों में बांटकर पूरी रणनीति तैयार की है. पहला चरण 1 से 7 जुलाई तक चलेगा. इस अवधि में स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को नोटिस, फोन कॉल और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए चेतावनी दी जाएगी. उनसे सभी वाहनों की फिटनेस और परमिट का तत्काल नवीनीकरण कराने को कहा जाएगा. परिवहन विभाग के अधिकारी खुद स्कूलों में जाकर वाहनों का भौतिक निरीक्षण भी करेंगे.
वहीं दूसरा चरण 8 से 15 जुलाई चलेगा. यह चरण पूरी तरह ऐक्शन मोड में होगा. परिवहन, पुलिस, यातायात और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम जिले भर में व्यापक चेकिंग अभियान चलाएगी. इस दौरान मानकों की अनदेखी करने वाले वाहनों को सीधे सीज या चालान की कार्रवाई से गुजरना होगा.
लापरवाही पर रद्द हो सकती है स्कूल की मान्यता
एआरटीओ प्रवर्तन उमेश कटियार ने बताया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों की सूची जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित विद्यालयों की मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई पर विचार किया जा सके.
इस दौरान एआरटीओ ने सभी स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे अभियान शुरू होने से पहले ही अपने वाहनों की फिटनेस, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेज अपडेट करा लें. बच्चों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें.
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