Raebareli News: जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का रविवार को औपचारिक शुभारंभ हो गया. जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने फीता काटकर इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की. इस दौरान डीएम ने न सिर्फ बच्चों को अपने हाथों से पोलियो ड्रॉप पिलाई, बल्कि उन्हें गोद में लेकर दुलार भी किया.
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि आज, 28 जून से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत जिले के 3,67,432 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अभियान के पहले दिन जिले भर में बनाए गए 1672 बूथों पर 'बूथ दिवस' मनाया गया, जहाँ बड़ी संख्या में अभिभावक अपने नौनिहालों को दवा पिलवाने पहुंचे.
उन्होंने बताया कि बूथ दिवस के बाद 29 जून से 3 जुलाई तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएंगी. इसके बाद भी यदि कोई बच्चा छूट जाता है, तो उसके लिए 6 जुलाई को बी-टीम गतिविधि आयोजित की जाएगी, जिससे कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे.
कोई भी बच्चा न छूटे, वैक्सीन को नजरअंदाज न करें अभिभावक: जिलाधिकारी
इस मौके पर जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने कहा कि आज से जिले में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई है. पहले दिन बूथ दिवस के रूप में सभी बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जा रही है. इसके बाद 29 जून से 3 जुलाई तक हमारी टीमें घर-घर भ्रमण करेंगी. हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि कोई भी बच्चा इस अभियान से छूटने न पाए.
डीएम ने वैक्सीन को लेकर कुछ परिवारों में हिचकिचाहट पर चिंता जताते हुए विशेष अपील की. उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे भी परिवार सामने आते हैं जो वैक्सीन नहीं पिलाते हैं या इसे नजरअंदाज करते हैं. मैं सभी अभिभावकों से यह कहना चाहती हूँ कि यह वैक्सीन आपके बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है. यह बच्चों को कई तरह की बीमारियों से बचाती है. पोलियो एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है और वैक्सीन ही इससे बचाव का एकमात्र तरीका है. इसलिए इसे बिल्कुल भी अवॉइड न करें। यदि आप अभियान के दौरान कहीं बाहर हैं, तो बाद में आने वाली 'बी-टीम' के माध्यम से अपने बच्चों को पोलियो की खुराक जरूर पिलवाएं. इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी, सुपरवाइजर और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे.
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