Raebareli News: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में लापरवाही के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन रायबरेली जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से जो मामला सामने आया है, उसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं. यहां तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन पर मरीजों की जिंदगी के साथ सरेआम खिलवाड़ करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है. आरोप है कि अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों को धड़ल्ले से एक्सपायरी डेट की ग्लूकोज बोतलें और इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं.
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तीमारदार का आरोप- विरोध किया तो कोई देखने तक नहीं आया
अमेठी जिले के फुरसतगंज के रहने वाले अमित कुमार वर्मा ने बताया कि उनके चाचा को पैरालिसिस की शिकायत होने पर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान जब उन्होंने ध्यान दिया, तो हैरान रह गए. अमित के मुताबिक, मरीजों को जो ग्लूकोज और इंजेक्शन दिए जा रहे हैं, वो सब एक्सपायर्ड हैं. हमने सबूत के तौर पर बोतल अपने पास रख ली है. सिर्फ हमारे मरीज को ही नहीं, बल्कि पास के बेड पर लेटे अन्य मरीजों को भी वही एक्सपायरी दवाएं चढ़ाई जा रही हैं. जब हमने इसका कड़ा विरोध किया, तो सुबह 6 बजे से लेकर घंटों बीत जाने के बाद भी न तो कोई डॉक्टर आया और न ही अस्पताल का कोई प्रशासनिक अधिकारी हमारी बात सुनने को तैयार हुआ.
मरीजों को नहीं आ रहा होश, दहशत में परिजन
वार्ड में भर्ती एक अन्य महिला मरीज (आशा देवी) के तीमारदारों ने भी इस लापरवाही की पुष्टि की. सिर पर पट्टी बांधे महिला ने बताया कि जब से यह एक्सपायरी ग्लूकोज और इंजेक्शन दिए गए हैं, तब से मरीजों की तबीयत सुधरने की बजाय और बिगड़ रही है और उन्हें होश नहीं आ रहा है. इस खुलासे के बाद से वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के परिजनों में भी भारी दहशत का माहौल है.
अस्पताल प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे मामले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तीमारदार बकायदा एक्सपायर्ड दवाओं की बोतलें हाथ में लेकर अस्पताल की पोल खोलते नजर आ रहे हैं. इस घटना ने जिला अस्पताल की पूरी व्यवस्था और स्टोर मैनेजमेंट को कटघरे में खड़ा कर दिया है.
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