Raebareli News : पौने दो करोड़ खर्च, घाट पर सिर्फ 21 सीढ़ियां, रायबरेली के दीनशाह गौरा गंगा घाट निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप

Dalmau Ganga Ghat Raebareli: रायबरेली के दीनशाह गौरा गंगा घाट पर करीब पौने दो करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद धरातल पर सिर्फ 21 सीढ़ियां और दो गमले नजर आ रहे हैं. अधूरा निर्माण, भ्रष्टाचार के आरोप और श्रद्धालुओं की मुश्किलों ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है. जांच की मांग तेज हो गई है.

 पौने दो करोड़ खर्च, घाट पर सिर्फ 21 सीढ़ियां, रायबरेली के दीनशाह गौरा गंगा घाट निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप

पौने दो करोड़ खर्च, घाट पर सिर्फ 21 सीढ़ियां, रायबरेली के दीनशाह गौरा गंगा घाट निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप

Newzo

26 Jun 2026 (अपडेटेड: 26 Jun 2026, 11:47 AM)

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Dalmau Ganga Ghat Raebareli: धार्मिक नगरी डलमऊ के दीनशाह गौरा गंगा घाट पर पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे कायाकल्प कार्य में भारी भ्रष्टाचार और अनियमितता का मामला सामने आया है. घाट को सजाने-संवारने और लैंडस्केपिंग के नाम पर 174.96 लाख रुपये (करीब पौने दो करोड़) पानी की तरह बहा दिए गए, लेकिन धरातल पर काम के नाम पर केवल 21 सीढ़ियां और दो बड़े गमले ही दिखाई दे रहे हैं. करोड़ों के इस बजट का बंदरबांट देखकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है.

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2023-24 में स्वीकृत हुआ था बजट, ठेकेदार ने दिखाई 'जादूगरी'

विभागीय सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में पर्यटन विभाग ने इस घाट के सुंदरीकरण की योजना को हरी झंडी दी थी. इसके निर्माण की जिम्मेदारी पर्यटन निगम ने मेसर्स जीपी इंटरप्राइजेज को सौंपी थी. योजना के तहत घाट पर सीढ़ियां बनाने और पेड़-पौधे लगाने के लिए बड़े गमले तैयार किए जाने थे. आरोप है कि ठेकेदार ने करीब 50 फीट लंबी व 30 फीट चौड़ी सीढ़ियों के निर्माण में ही पूरी धनराशि खपा दी.

2025 की डेडलाइन बीती, काम अब भी अधूरा

हैरानी की बात यह है कि इस निर्माण कार्य को वर्ष 2025 में ही पूरा हो जाना था, लेकिन समयसीमा बीतने के बाद भी काम अधूरा पड़ा है. हालत यह है कि सीढ़ियों के आगे मिट्टी और पत्थरों की दीवार खड़ी है, जिसके कारण श्रद्धालुओं को गंगा स्नान करने में जान जोखिम में डालनी पड़ रही है. यही नहीं, 'नमामि गंगे' योजना के तहत बने पुराने घाट के टूटे पत्थरों को भी दुरुस्त नहीं किया गया. मानसून की दस्तक के साथ ही अब श्रद्धालुओं की मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है.

जनता का दर्द और आक्रोश

कस्बे के निर्भय तिवारी, स्वामी दिव्यानंद गिरि, संदीप कुमार व पुरुषोत्तम शुक्ल का कहना है कि यह सीधे तौर पर सरकारी धन का दुरुपयोग और जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है. इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बावजूद घाट का यह हाल बेहद शर्मनाक है. मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

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अधिकारियों तक पहुंचेगी शिकायत: चेयरमैन

इस पूरे घालमेल पर डलमऊ नगर पंचायत के चेयरमैन पंडित बृजेशदत्त गौड़ ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने साफ कहा कि घाट निर्माण में ठेकेदार और विभाग द्वारा की गई इस मनमानी की लिखित शिकायत जल्द ही उच्चाधिकारियों से की जाएगी. सरकारी धन का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.