Raebareli Administration News: जनता की समस्याओं को हल करने में हीलाहवाली करने वाले अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका का 'हंटर' लगातार चल रहा है. पहले 147 अधिकारी-कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने की बड़ी कार्रवाई के बाद, अब डीएम ने आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत प्रणाली) में घोर लापरवाही बरतने वाले 8 और बड़े अधिकारियों पर शिकंजा कस दिया है.
डीएम ने इन सभी 8 अधिकारियों का जून माह का वेतन रोकने का कड़ा आदेश जारी किया है, जबकि तीन अन्य को अंतिम चेतावनी पत्र (वार्निंग लेटर) थमाया है. इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है.
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समीक्षा बैठक में खुली पोल, डीएम ने लगाई क्लास
जिलाधिकारी सरनीत कौर ने विकास भवन में आईजीआरएस की प्रगति को लेकर सभी विभागों की एक-एक कर समीक्षा बैठक की. इस दौरान जब हकीकत सामने आई, तो डीएम का पारा चढ़ गया. कई विभाग इस महत्वपूर्ण और शासन की प्राथमिकता वाली योजना को बेहद हल्के में ले रहे थे. समीक्षा में पाया गया कि फरियादी विभागों के ढुलमुल जवाबों से पूरी तरह असंतुष्ट हैं और जनता को इस योजना का सही लाभ नहीं मिल पा रहा है. डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि आईजीआरएस सीधे शासन से जुड़ी व्यवस्था है, इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
इन बड़े अफसरों पर गिरी गाज, वेतन रोका गया:
बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता, सहायक विकास अधिकारी (एडीओ), डलमऊ अधिशासी अधिकारी (ईओ), ऊंचाहार सहायक विकास अधिकारी (एडीओ), बछरावां चकबंदी अधिकारी सलोन,महाराजगंज उप निदेशक (कृषि), अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम)बैंक. इसके अलावा लापरवाही के मामले में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) डीह, बंदोबस्त अधिकारी व जिला पूर्ति अधिकारी को कड़ी चेतावनी जारी की गई है.
डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न निभाई जाए. शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और धरातल पर समाधान होना चाहिए. निस्तारण के बाद फीडबैक जरूर लें कि जनता संतुष्ट है या नहीं. जिन मामलों में मौके पर जांच की जरूरत है, वहां अधिकारी खुद जाएं और निष्पक्ष आख्या रिपोर्ट सौंपें. भविष्य में ऐसी लापरवाही मिलने पर सीधे निलंबित करने की संस्तुति की जाएगी.
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