Raebareli News: रेलवे यात्रियों और आम जनता के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है. रेलवे परिसर या ट्रेनों में होने वाले छोटे-मोटे अपराधों के लिए अब अदालत और मुकदमों के चक्कर नहीं काटने होंगे. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अधिनियम में किए गए नए संशोधनों के तहत अब छोटे मामलों में एफआईआर (FIR) दर्ज करने के बजाय सीधे निर्धारित जुर्माना (अर्थदंड) वसूलने की व्यवस्था लागू कर दी गई है.
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शनिवार को रायबरेली रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण करने पहुंचे आरपीएफ के डीआईजी सैयद सरफराज अहमद ने कानूनी प्रावधानों की समीक्षा के बाद यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पहले इन छोटे-मोटे मामलों में रेलवे एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किए जाते थे, जिससे यात्रियों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था. अब इस व्यवस्था को पूरी तरह से जुर्माने में बदल दिया गया है.
इन गलतियों पर लगेगा इतना जुर्माना
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने बताया कि रेलवे एक्ट में हुए संशोधन के बाद अब रेलवे परिसर में भीख मांगने, बिना अनुमति सामान बेचने, शराब पीने, उपद्रव करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने जैसे मामलों में सीधे जुर्माना लगाया जाएगा. नए नियमों के अनुसार, भीख मांगने और अवैध वेंडिंग पर दो हजार रुपये, अनाधिकृत प्रवेश पर 500 रुपये, रेलवे कार्य में बाधा पहुंचाने पर 2500 रुपये, महिलाओं के आरक्षित डिब्बे या सीट पर पुरुषों के बैठने पर 2500 रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा. वहीं खतरनाक वस्तु लेकर यात्रा करने पर 10 हजार रुपये तक दंड लगाया जा सकेगा.
डीआईजी ने परखा सुरक्षा तंत्र, फाइलों को खंगाला
इससे पहले, रायबरेली पहुंचे डीआईजी सैयद सरफराज अहमद ने सबसे पहले रेलवे गेस्ट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की और कार्यों की समीक्षा की. इसके बाद उन्होंने फुट ओवरब्रिज, स्टेशन परिसर और आरपीएफ पोस्ट का गहन निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने पोस्ट पर रखे अभिलेखों (रिकॉर्ड्स) की भी जांच की.
वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों पर पथराव को लेकर सतर्कता के निर्देश
हाल के दिनों में वंदे भारत एक्सप्रेस सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों में हुई पत्थरबाजी की घटनाओं को डीआईजी ने बेहद गंभीरता से लिया. उन्होंने निरीक्षण के दौरान इन घटनाओं की पूरी जानकारी ली और आरपीएफ अधिकारियों को निर्देश दिए कि पटरियों के आसपास और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई जाए, ताकि ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके. निरीक्षण के दौरान आरपीएफ इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार सिंह सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे.
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