Raebareli News: अटौरा क्षेत्र में सोमवार रात आई तेज आंधी और उसके बाद हुई एक सड़क दुर्घटना ने अटौरा बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले 20 से अधिक गांवों की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है. पिछले 48 घंटों से अधिक समय से इन गांवों की बिजली गुल है, जिससे करीब 10 हजार की आबादी को भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. बिजली न रहने से गांवों में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और लोगों के अन्य दैनिक कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.
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अमरिया, टिकरा और बटउवा गांवों के ग्रामीणों आशीष, अजय, अरुण और विवेक ने बताया कि सोमवार की रात करीब साढ़े नौ बजे अचानक मौसम खराब होने के साथ ही बिजली चली गई थी. काफी देर तक आपूर्ति बहाल न होने पर जब उपकेंद्र से संपर्क किया गया, तो पता चला कि आंधी के कारण कई विद्युत पोल टूट गए हैं. ग्राम प्रधान अमरिया ब्रजकिशोर अवस्थी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि पोल बदलने को लेकर विभाग से कई बार शिकायत की गई, लेकिन 48 घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग सभी पोल नहीं बदल पाया है. मंगलवार की शाम करीब पांच बजे केवल एक-दो गांवों में ही आंशिक रूप से सप्लाई शुरू हो पाई, जबकि अधिकांश गांवों के लोग तीसरी रात भी अंधेरे में गुजारने को मजबूर रहे.
तेज रफ्तार डंपर ने 33 केवीए लाइन के पोल को तोड़ा
बिजली संकट के बीच बुधवार की सुबह सतावं क्षेत्र में एक और बड़ा हादसा हो गया। लालगंज-बछरावां मार्ग पर ठकुराइन खेड़ा के पास बुधवार सुबह एक सरकारी बस को ओवरटेक करने के प्रयास में एक तेज रफ्तार डंपर सड़क किनारे लगे 33 केवीए विद्युत लाइन के पोल से जा टकराया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि पोल नीचे से टूट गया. दुर्घटना की सूचना मिलते ही बछरावां से कृष्णपुर ताला विद्युत उपकेंद्र को जाने वाली बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कराई गई. गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों की बिजली सप्लाई भी करीब 6 घंटे तक ठप रही.
लगभग 50 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त
अवर अभियंता (विद्युत) संजय भारती ने बताया कि तेज आंधी के कारण क्षेत्र में लगभग 50 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा युद्धस्तर पर मरम्मत और पोल बदलने का कार्य किया जा रहा है. जल्द ही प्रभावित गांवों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी.
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