Raebareli News: जनपद में संचालित कोचिंग संस्थानों के संबंध में तीसरे दिन भी बैठक अपर जिलाधिकारी सिद्धार्थ की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक में आरडीए सचिव विशाल यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी और कई कोचिंग संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे.
ADVERTISEMENT
कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि बैठक में अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों की पूर्ण पूर्ति होने के बाद ही कोचिंग संस्थानों को संचालन की अनुमति प्रदान की जाएगी. उन्होंने सभी संचालकों से आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की.
बैठक के दौरान कोचिंग संचालकों ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि यदि सभी मानकों की पूर्ति के बाद ही संचालन की अनुमति मिलेगी, तो उनकी आजीविका पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी. अधिकांश छोटे एवं मध्यम कोचिंग संस्थान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. इस अवसर पर विक्रम सिंह ने प्रशासन के समक्ष सुझाव रखा कि जब तक कोचिंग संचालक निर्धारित मानकों की पूर्ति नहीं कर लेते, तब तक यदि किसी उपयुक्त सरकारी भवन या वैकल्पिक स्थान पर अस्थायी रूप से कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था कर दी जाए, तो हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और संचालकों की आजीविका भी सुरक्षित रह सकेगी। हालांकि जिला प्रशासन ने ऐसी किसी वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने में असमर्थता व्यक्त की.
बैठक में उपस्थित कोचिंग संचालकों ने एक स्वर में कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से खोलने और संचालन की अनुमति देने की मांग दोहराई, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी निर्धारित मानकों की पूर्ति के पश्चात ही अनुमति प्रदान की जाएगी.
विक्रम सिंह ने बताया कि अब तक जनपद में केवल 25 कोचिंग संस्थानों ने ही आवेदन पत्र प्राप्त किए हैं. उन्होंने सभी कोचिंग संचालकों से अपील की कि वे आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करें तथा साथ ही शासन से छोटे एवं मध्यम कोचिंग संस्थानों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक एवं मानवीय समाधान निकालने का आग्रह किया.
ADVERTISEMENT










