Raebareli News: शहर से लेकर जिले के कस्बों तक इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह से वेंटिलेटर पर नजर आ रही है. प्रतिदिन लगने वाले घंटों लंबे जाम के कारण आम जनजीवन बेहाल हो चुका है. यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बैठकों में बनाई जाने वाली बड़ी-बड़ी प्लानिंग सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गई है, धरातल पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है.
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पुलिस के सामने से गुजर रहे भारी वाहन, कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति
शहर की यातायात व्यवस्था फेल होने का सबसे बड़ा कारण बाईपास मार्गों पर 'नो-एंट्री' के बोर्ड न होना है. इसके अभाव में दिनभर भारी वाहन शहर के भीतर धड़ल्ले से फर्राटा भरते रहते हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि शहर के अंदर से भारी वाहन यातायात पुलिस के सामने से होकर गुजरते हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस इन चिह्नित वाहनों को रोकने या उन पर कानूनी कार्रवाई करने की जहमत तक नहीं उठाती. पुलिस की इस बेरुखी और विभागीय कागजों की खानापूर्ति का खामियाजा आम राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है, जो हर घंटे लगने वाले जाम में फंसकर हलाकान हो रहे हैं
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से सड़कें हुईं संकरी
शहर के जिला अस्पताल चौराहा, प्रमुख बाजारों और मुख्य चौराहों पर स्थिति बेहद खराब है. सड़कों के किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और पटरियों पर लगने वाले ठेला-खोमचों के कारण सड़कें संकरी हो चुकी हैं. इस अव्यवस्था की वजह से सामान्य राहगीरों के साथ-साथ गंभीर मरीजों को ले जाने वाली एम्बुलेंस भी घंटों जाम में फंसी रहती हैं. प्रशासन ने भी यह स्वीकार किया है कि शहर के अंदर बड़े वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही के कारण समस्या लगातार विकराल रूप ले रही है.
अधिकारियों का दावा: अब सख्ती से निपटेगा प्रशासन
जाम के झाम से जनता को निजात दिलाने के लिए अब प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से एक रोडमैप तैयार करने का दावा किया है, अधिकारियों के अनुसार, बाईपास मार्गों पर जल्द ही नो-एंट्री के बोर्ड लगाए जाएंगे और मौरंग-गिट्टी लदे डंपरों व अन्य भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाएगा.
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