Raebareli Horticulture College News: हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी है. क्षेत्र में लंबे समय से की जा रही एक बड़ी मांग आखिरकार पूरी हो गई है. प्रदेश सरकार ने हरचंदपुर विधानसभा के पडेरा कृषि फार्म में उत्तर प्रदेश के पहले स्वतंत्र उद्यान (हॉर्टिकल्चर) महाविद्यालय की स्थापना को हरी झंडी दे दी है. यह संस्थान हरचंदपुर के रहवां चौराहे के पास करीब 22 हेक्टेयर (लगभग 54 एकड़) विस्तृत भूमि पर आकार लेगा.
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इस महाविद्यालय की स्थापना से न केवल रायबरेली, बल्कि आसपास के कई जिलों के युवाओं को उद्यान विज्ञान के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे. इसके साथ ही क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास को एक नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
*प्रदेश का पहला स्वतंत्र संस्थान, दूर होगी बड़ी कमी*
प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में पांच कृषि विश्वविद्यालय तो संचालित हैं, लेकिन अब तक एक भी स्वतंत्र उद्यान महाविद्यालय नहीं था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्वीकृति के बाद अब प्रदेश में यह बड़ी कमी दूर होने जा रही है।
बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर, स्थानीय युवाओं को मिलेगा मौका
इस बड़े संस्थान के निर्माण से हरचंदपुर क्षेत्र की पूरी तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है. सबसे बड़ा लाभ स्थानीय छात्र-छात्राओं को मिलेगा. उन्हें अब उद्यान विज्ञान में स्नातक (Graduation) और परास्नातक (Post Graduation) स्तर की पढ़ाई के लिए दूसरे बड़े शहरों या राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा. महाविद्यालय के निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय मजदूरों और कारीगरों को रोजगार मिलेगा. संस्थान शुरू होने के बाद शिक्षकों, तकनीकी स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों, परिवहन और खानपान जैसी सेवाओं में बड़े पैमाने पर नौकरियां सृजित होंगी. देश-प्रदेश से आने वाले छात्रों और कर्मचारियों के कारण क्षेत्र में किराये के मकानों, दुकानों, होटल-रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों को भारी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय बाजारों में आर्थिक चहल-पहल बढ़ेगी.
आधुनिक खेती से समृद्ध होंगे अन्नदाता
राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि उद्यान महाविद्यालय शुरू होने से क्षेत्र के किसानों को आधुनिक बागवानी, फल, सब्जी और उन्नत पुष्प उत्पादन की नई तकनीकों की सीधी जानकारी मिल सकेगी. अनुसंधान (Research) और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से यह संस्थान किसानों की आय दोगुनी करने में मील का पत्थर साबित होगा.
राज्य मंत्री ने इसे हरचंदपुर और पूरे रायबरेली जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा, रोजगार और कृषि विकास का एक मजबूत केंद्र बनेगा और हरचंदपुर को प्रदेश के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाएगा.
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