Raebareli Mandi Bhav 6 August 2026: सावन माह की शुरुआत होते ही महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़नी शुरू कर दी है. त्योहार और व्रत के इस पावन महीने में पूजा एवं व्रत सामग्री की कीमतों में 50 से 100 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अचानक बढ़े दामों से व्रतियों और आम खरीदारों का रसोई का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है. जो लोग पहले एक किलो फलाहार या सूखे मेवे खरीदते थे, वे अब आधा किलो या ढाई सौ ग्राम से ही काम चलाने को मजबूर हैं.
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गरी-गोला और मखाना पर सबसे ज्यादा मार
बाजार में मांग बढ़ते ही सूखे मेवों (ड्राई फ्रूट्स) के भाव तेजी से चढ़े हैं। सबसे अधिक असर गरी के गोले, मखाने और किशमिश पर देखने को मिल रहा है. गरी का गोला और मखाना लगभग दोगुने दामों पर बिक रहा है। बाजार में खरीदारी करने पहुंचे व्रतियों का एक ही सवाल है कि त्योहार आते ही अचानक कीमतें क्यों बढ़ा दी जाती हैं? हालांकि, इस सवाल का जवाब स्थानीय दुकानदारों के पास भी नहीं है.
आपूर्ति कम और डिमांड अधिक होने से उछले भाव
कारोबारी सूरज ने बताया कि बीते 15 दिनों के भीतर व्रत सामग्री के दामों में अचानक तेजी आई है. बरसात के कारण पीछे से आवक और आपूर्ति प्रभावित हुई है, जबकि सावन शुरू होने से बाजार में मांग कई गुना बढ़ गई है. मांग और आपूर्ति के इसी अंतर के कारण भाव में तेजी आई है.
दूसरी ओर, गृहिणी मोनिका ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि इस बार सावन में फलाहार के दाम देखकर काफी निराशा हुई है. आस्था और नियम के तहत सोमवार और पूरे सावन का व्रत रखना ही है, इसलिए विवश होकर कम मात्रा में ही सही, पर महंगी सामग्री खरीदनी पड़ रही है.
प्रमुख ड्राई फ्रूट्स के मौजूदा बाजार भाव प्रति किलो:
| व्रत सामग्री | मौजूदा कीमत (प्रति किलो) |
|---|---|
| मखाना | ₹450 – ₹900 |
| बादाम | ₹700 – ₹900 |
| काजू | ₹600 – ₹900 |
| किशमिश | ₹200 – ₹350 |
| गरी का गोला | ₹200 – ₹250 |
खरीदारी की मात्रा आधी करने को मजबूर लोग
सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूरे महीने या प्रत्येक सोमवार का व्रत रखते हैं। ऐसे में व्रत सामग्री महंगी होने से लोग अब केवल जरूरत भर का सामान ही ले रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि बिक्री पर असर पड़ा है और लोग पैकेट व सामग्री का वजन आधा करके खरीद रहे हैं.
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