Raebareli News: जिले में बारिश न होने और बिजली की चरमराती व्यवस्था के कारण धान की खेती पर गहरा संकट मंडराने लगा है. पानी और पर्याप्त बिजली के अभाव में खेतों की नमी पूरी तरह गायब हो चुकी है, जिससे जमीनों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ने लगी हैं.
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परिस्थिति यह है कि जिन किसानों ने किसी तरह धान की रोपाई कर ली थी, उनकी फसलें अब पानी के बिना सूखने लगी हैं. वहीं, जिन किसानों की बेहन रोपाई के लिए पूरी तरह तैयार है, वे खेतों में पानी न होने के कारण लाचार बैठे हैं.
खेतों में पड़ी दरारें, सूख रही फसलें
मानसून की बेरुखी और भीषण गर्मी के कारण खेतों की रंगत उड़ गई है. नलकूप और सिंचाई के साधन ठप पड़ने से रोपे गए धान के पौधे पीले पड़ रहे हैं. किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही पानी का इंतजाम नहीं हुआ, तो रोपी जा चुकी फसल पूरी तरह नष्ट हो जाएगी और तैयार पौध भी सड़ जाएगी.
बिजली की बदहाली से भड़का किसानों का गुस्सा
सिंचाई के लिए बिजली ही किसानों का एकमात्र सहारा बची थी, लेकिन अघोषित बिजली कटौती ने स्थिति को और भयावह बना दिया है. पर्याप्त बिजली न मिलने से निजी नलकूप भी नहीं चल पा रहे हैं. बिजली संकट से परेशान किसानों का आक्रोश अब सड़कों और पावर हाउसों पर दिखने लगा है.
किसानों का कहना है किखाद-बीज की लागत लगाने के बाद अब पानी के बिना पूरी मेहनत पर पानी फिर रहा है. बिजली न मिलने से धान की खेती पूरी तरह प्रभावित हो रही है. यदि शासन-प्रशासन ने जल्द ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं की, तो किसानों को भारी आर्थिक बर्बादी झेलनी पड़ेगी.
प्रशासन से बिजली आपूर्ति सुधारने की मांग
जिले के किसानों ने प्रशासन से अविलंब ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के लिए रोस्टर के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की है, ताकि समय रहते फसलों को बचाया जा सके.
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