Raebareli Mandi Bhav 6th August 2026: आसमान छूती सब्जियों की कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है. आलू-प्याज से लेकर हरी सब्जियों के दामों में आई तेजी के कारण आम जनता और गृहिणियों का गणित गड़बड़ा गया है. बाजार में अदरक ₹200 और हरी मिर्च ₹100 प्रति किलो के पार पहुंच गई है, जिससे अब टमाटर-मिर्च की चटनी बनाना और चाय की चुस्की लेना भी जेब पर भारी पड़ रहा है.हालत यह है कि लोगों की थाली से हरी सब्जियां गायब होती दिख रही हैं और रोजमर्रा का खाना तैयार करना एक चुनौती बन गया है.
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एक नजर: सब्जियों के फुटकर भाव
सब्जी का नाम कीमत (प्रति किलो
| सब्जी | भाव (₹/किलो) |
|---|---|
| अदरक | ₹200 |
| हरी मिर्च | ₹100 |
| गोभी | ₹60 |
| परवल | ₹60 |
| करेला | ₹60 |
| कद्दू | ₹40 |
| तरोई | ₹40 |
| कुंदरू | ₹40 |
| प्याज | ₹40 |
| टमाटर | ₹30 |
| लौकी | ₹30 |
| आलू | ₹20 |
चाय की चुस्की और चटनी का स्वाद हुआ फीका
सब्जियों के साथ-साथ अदरक और मिर्च की बढ़ी कीमतों का सीधा असर चाय के शौकीनों और रोज के खाने के जायके पर पड़ा है. ₹200 किलो बिक रहे अदरक ने कड़क चाय का स्वाद बिगाड़ दिया है, वहीं ₹100 किलो मिर्च और ₹30 किलो टमाटर के कारण घरों में चटनी बनाना भी मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में सब्जियों के तीखे तेवरों ने थाली से स्वाद और पौष्टिकता दोनों छीन ली है.
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