उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से इस वक्त की एक बड़ी और कानून व्यवस्था से जुड़ी अहम खबर सामने आ रही है. प्रयागराज में एक बार फिर से अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अपनी सख्त कार्रवाई तेज कर दी है. इस बार पुलिस के निशाने पर आया है प्रयागराज का कुख्यात माफिया दिलीप मिश्रा, जिसके खिलाफ कभी पूरा इलाका खौफ से कांपता था. अपराध के जरिए खड़ी की गई दिलीप मिश्रा की करोड़ों की अचल संपत्ति पर आखिरकार प्रशासन ने सरकारी ताला जड़ दिया है. यमुनानगर जोन की पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दिलीप मिश्रा की करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की जमीन को कुर्क कर लिया है.
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खौफ का साम्राज्य हुआ जमींदोज, मुनादी कराकर जब्त की जमीन
प्रयागराज के औद्योगिक थाना पुलिस ने यमुनानगर जोन के डीसीपी विवेक चंद्र यादव के नेतृत्व में माफिया दिलीप मिश्रा के खिलाफ यह बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है. पुलिस ने मेजा तहसील के खीरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिलौंधी कला गांव में पहुंचकर गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्की की इस कार्रवाई को अंजाम दिया. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर बकायदा डुगडुगी बजवाकर मुनादी कराई और जमीन पर अपना नोटिस बोर्ड टांग दिया है.
भाभी और बहू के नाम पर खरीदी थी 8 बीघा जमीन
पुलिस की तफ्तीश में यह बात साफ हुई है कि दिलीप मिश्रा ने अपनी दबंगई, खौफ और लोगों को डरा-धमकाकर जुर्म के रास्ते इस अचल संपत्ति को खड़ा किया था. इस अवैध काली कमाई को छिपाने के लिए माफिया ने करीब 8 बीघा जमीन को अपनी भाभी और बहू के नाम पर रजिस्टर्ड करवाया था. जब्त की गई इस कीमती व्यावसायिक जमीन की कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 11 लाख 24 हजार रुपये आंकी गई है.
15 जून को जारी हुआ था आदेश
इस पूरी कार्रवाई को लेकर यमुनानगर जोन के डीसीपी विवेक चंद्र यादव ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया 'आज दिनांक 16 जून 2026 को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) 1986 के तहत अभियुक्त दिलीप मिश्रा की थाना खीरी स्थित ग्राम सिलौंधी कला में करीब आठ बीघा जमीन कुर्क की गई है. इस जमीन की अनुमानित व्यवसायिक कीमत करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपये के आसपास है. माननीय न्यायालय पुलिस आयुक्त महोदय के 15 जून 2026 के आदेश के अनुपालन में पर्याप्त पुलिस बल और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में कुर्की की यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई.'
54 मुकदमे और मंत्री नंदी पर बम हमले का आरोप
कभी अपराध की दुनिया में खौफ का दूसरा नाम रहा दिलीप मिश्रा इस वक्त जेल की सलाखों के पीछे बंद है. उसके आपराधिक इतिहास की बात करें तो उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और डकैती जैसे संगीन जुर्म के कुल 54 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इतना ही नहीं दिलीप मिश्रा पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' पर हुए रिमोट बम हमले का भी मुख्य आरोप है.
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