उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड रीजन की बबीना विधानसभा सीट इस वक्त सूबे के सियासी गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है. कभी बहुजन समाज पार्टी (BSP) का मजबूत गढ़ रही इस सीट पर पिछले दो चुनावों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कब्जा है. यहां से मौजूदा भाजपा विधायक राजीव सिंह पारिचा लगातार तीसरी बार चुनावी मैदान में उतरने और जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी कर रहे हैं. बबीना का पूरा चुनावी ताना-बाना जातीय समीकरणों और विकास दावों के इर्द-गिर्द बुना नजर आता है.
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बीजेपी विधायक का दावा- 'दूर हुई बबीना की सबसे बड़ी पेयजल किल्लत'
बबीना से बीजेपी विधायक राजीव सिंह पारिचा का कहना है कि डबल इंजन सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से क्षेत्र की सूरत बदली है. उन्होंने विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया:
- पानी का संकट खत्म: बुंदेलखंड की सबसे बड़ी समस्या 'पेयजल किल्लत' को सरकारी प्रयासों के जरिए पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है.
- बुनियादी ढांचा: सड़कों का जाल, बिजली की निर्बाध आपूर्ति और शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों ने ग्रामीण इलाकों को बेहतर बनाया है.
- किसानों की स्थिति: सिंचाई और अन्य कृषि योजनाओं के बल पर क्षेत्र के किसान अब पहले से काफी बेहतर स्थिति में हैं.
बबीना का जातीय गणित: दलित और यादव वोट बैंक तय करता है हार-जीत
बबीना विधानसभा क्षेत्र में सबसे बड़ी भूमिका जातीय समीकरणों की होती है. इस सीट पर दलित और यादव समुदाय के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है, जो किसी भी दल का खेल बनाने या बिगाड़ने की ताकत रखते हैं.
यही वजह है कि समाजवादी पार्टी (SP) इस बार अपने 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के सहारे इस सीट पर सेंधमारी करने की पूरी कोशिश में जुटी है. वहीं, बसपा भी अपने पुराने दलित वोट बैंक को री-कॉल कर संघर्ष को त्रिकोणीय बनाने में लगी है. जातीय गोलबंदी के कारण यहां हर बार मुकाबला बेहद कड़ा और दिलचस्प हो जाता है.
हैट्रिक की राह या विपक्ष का पलटवार? दिलचस्प होगी बबीना की जंग
आगामी चुनावी जंग में बबीना सीट पर विकास कार्य, स्थानीय उम्मीदवारों की छवि और सबसे बढ़कर 'जातीय गोटियां' ही भविष्य का फैसला तय करेंगी. जहां एक तरफ बीजेपी अपने मजबूत सांगठनिक ढांचे और विकास के बूते तीसरी बार कमल खिलाने के प्रति आश्वस्त है, वहीं समाजवादियों और बसपा के लिए खोई हुई जमीन वापस पाने की यह एक बड़ी और कड़ी चुनौती है. साफ है कि बबीना की यह राजनीतिक लड़ाई आने वाले दिनों में और भी दिलचस्प मोड़ लेने वाली है.
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