मोहर्रम मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं... सीएम योगी के सख्त निर्देश, ताजिया की ऊंचाई से लेकर हथियारों पर लगी पूर्ण पाबंदी

उत्तर प्रदेश में मोहर्रम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाई लेवल बैठक की. सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि मोहर्रम मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं. ताजिया की ऊंचाई 10-12 फीट तय की गई है.

यूपी तक

• 01:41 PM • 17 Jun 2026

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उत्तर प्रदेश में मोहर्रम के त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमर कस ली है. चांद दिखने के साथ ही मोहर्रम के पाक महीने की शुरुआत हो चुकी है. इस अवसर पर कानून व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए सीएम योगी ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस कप्तानों (SP/SSP) के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि मोहर्रम मातम का अवसर है, इसे शक्ति प्रदर्शन का जरिया न बनाया जाए. इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा को लेकर बेहद कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

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जुलूस में हथियारों के प्रदर्शन पर रोक, डीजे बजाने पर पाबंदी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मोहर्रम के दौरान निकलने वाले जुलूसों में किसी भी प्रकार के पारंपरिक या आधुनिक हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी. इसके अलावा:

  • तेज आवाज में बजने वाले डी.जे. (DJ) पर पूरी तरह रोक रहेगी.
  • ड्रम और लाउडस्पीकर के अनियंत्रित या अत्यधिक इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी.
  • जुलूस के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों और शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

ताजिया की ऊंचाई तय, बिजली के तारों को लेकर विशेष गाइडलाइंस

सुरक्षा मानकों और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने ताजिया की ऊंचाई भी निर्धारित कर दी है. सीएम योगी ने कहा कि ताजियों की ऊंचाई 10 से 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जुलूस के रूट पर आने वाले बिजली के नीचे लटकते तारों, पेड़ों की टहनियों और अन्य सुरक्षा मानकों का पहले ही बारीकी से निरीक्षण कर लिया जाए, ताकि ताजिया निकलते समय करंट लगने जैसी कोई अप्रिय घटना न हो. इसके साथ ही, किसी भी नए रूट या नई परंपरा को शुरू करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.

धर्मगुरुओं से संवाद और ग्राउंड जीरो पर सतर्कता

शासन के आदेशों के बाद पूरे प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि सभी जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी स्थानीय आयोजकों, ताजियादारों और धर्मगुरुओं के साथ लगातार संवाद (कम्युनिकेशन) बनाए रखें. आपसी बातचीत के जरिए हर छोटी-बड़ी समस्या का समय रहते समाधान निकाला जाए ताकि त्योहार बिना किसी अवरोध के संपन्न हो सके.

सौहार्द और नियमों के पालन की अपील

राज्य प्रशासन और सरकार का पूरा प्रयास है कि प्रदेश में सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता बनी रहे. सभी जिलों में पुलिस बल को पूरी तरह सतर्क और हाई अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है. इसके साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा तय किए गए नियमों और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें और इस अवसर को शांतिपूर्ण व सम्मानजनक तरीके से मनाएं.