UP Alliance Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गठबंधन को लेकर हलचल तेज हो गई है. 2027 विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच एकजुटता की कोशिशें तेज होती दिख रही हैं. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और अन्य क्षेत्रीय दलों के बीच संभावित गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर बातचीत का दौर शुरू हो गया है. वहीं पश्चिमी यूपी में कांग्रेस की ओर से चंद्रशेखर आजाद को भी साथ जोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं.
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पश्चिमी यूपी में चंद्रशेखर आजाद को साथ लाने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस लगातार यह प्रयास कर रही है कि चंद्रशेखर आजाद को गठबंधन का हिस्सा बनाया जाए. इसके अलावा अन्य क्षेत्रीय दल भी यह महसूस कर रहे हैं कि अकेले चुनाव लड़ना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है. इसी कारण कई दल अब एक बड़े विपक्षी गठबंधन की ओर झुकते दिखाई दे रहे हैं ताकि बीजेपी को एकजुट होकर चुनौती दी जा सके.
सीट बंटवारे पर बढ़ी चर्चा, टेबल पर होगा फैसला
गठबंधन की सबसे बड़ी चर्चा अब सीट शेयरिंग को लेकर है. राजनीतिक हलकों में यह बात सामने आ रही है कि अब सीटों का बंटवारा किसी एकतरफा फैसले से नहीं, बल्कि सभी दलों के बीच बैठकर टेबल पर चर्चा के जरिए तय किया जाएगा.
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने भी इस बात की ओर इशारा किया है कि सीटों को लेकर कोई भी पार्टी अकेले फैसला नहीं लेगी, बल्कि आपसी सहमति से निर्णय होगा.
ओवैसी की एंट्री और बराबरी के गठबंधन की मांग
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी गठबंधन की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के संकेत दिए हैं. उन्होंने बहराइच में अपने उम्मीदवार का ऐलान करते हुए कहा कि दिल्ली में बराबरी के आधार पर गठबंधन होना चाहिए.
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है. वहीं समाजवादी पार्टी ने भी ओवैसी के रुख का स्वागत किया है, जिससे संभावित राजनीतिक समीकरणों पर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
इमरान मसूद का दावा: 170 सीटें सपा को दी गईं
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने गठबंधन को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को 170 सीटें दी हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम सीट बंटवारे पर अभी भी टेबल पर चर्चा जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि सीटें किसी एक पार्टी द्वारा दी नहीं जातीं, बल्कि यह सभी दलों के बीच सहमति और तालमेल से तय होती हैं.
चंद्रशेखर आजाद का रुख: सभी के लिए खुले दरवाजे
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी संकेत दिए हैं कि उनके दरवाजे सभी राजनीतिक दलों के लिए खुले हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी को हराने के लिए सभी विपक्षी ताकतों का एक साथ आना जरूरी है. उनके इस रुख को संभावित गठबंधन के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है.
इमरान मसूद का बड़ा फैसला: परिवार को चुनाव से दूर रखा
इमरान मसूद ने यह भी साफ किया है कि इस बार उनके परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा. उन्होंने कहा कि उनका पूरा फोकस कार्यकर्ताओं पर रहेगा और पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया गया है.उन्होंने यह भी माना कि पिछला चुनाव कार्यकर्ताओं की मेहनत से जीता गया था, इसलिए इस बार भी संगठन को प्राथमिकता दी जाएगी.
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