"बेटी के सम्मान से कोई समझौता नहीं", अदिति यादव विवाद पर सीएम योगी का बड़ा बयान... एफआईआर के दिए सख्त निर्देश

CM Yogi In Azamgarh: अदिति यादव विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, "बेटी के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा". मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है.

यूपी तक

• 04:24 PM • 13 Jun 2026

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CM Yogi In Azamgarh: उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब पूरी तरह से गरमा गया है. पक्ष और विपक्ष की लगातार आ रही प्रतिक्रियाओं के बीच अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाया है. आजमगढ़ में 955 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 39 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मंच से स्पष्ट कर दिया कि बेटी के सम्मान के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा.

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'गांव की बेटी सबकी बेटी', सीएम योगी ने दिए एफआईआर के सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कारों का जिक्र करते हुए कहा कि, "हम तो उस संस्कार में पले-बढ़े हैं जहां कहा जाता है कि गांव की बेटी सबकी बेटी, गांव की बहन सबकी बहन." सीएम योगी ने बताया कि जब उन्होंने देखा कि अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की हैं, तो उन्होंने तुरंत इसका संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि, "जैसे मेरे संज्ञान में आया मैंने तत्काल पुलिस से कहा कि इसमें एफआईआर दर्ज कराओ.

अखिलेश यादव का तंज- 'जिनका परिवार नहीं, वे दर्द क्या समझेंगे'

इस पूरे विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी काफी आक्रामक नजर आए थे. एटा में जब उनसे बेटी अदिति यादव पर हुई टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बिना नाम लिए सत्ताधारी पार्टी के शीर्ष नेताओं पर सीधा और करारा निशाना साधा. अखिलेश यादव ने तल्ख लहजे में कहा कि, "ये इसलिए हमला हो रहा है क्योंकि जो दो लोग ऊपर बैठे हैं उनका कोई परिवार नहीं है." उन्होंने आगे कहा कि, "परिवार वाले ही अपना दुख दर्द समझते हैं, जो बैठे हैं कुर्सी पर उन्हें कोई चिंता नहीं है परिवारों की." इस सियासी बयानबाजी के बीच, फिलहाल सीएम योगी द्वारा सियासत को किनारे रखकर बेटी के सम्मान में दिए गए इस सख्त बयान की राजनीतिक गलियारों में हर ओर तेज चर्चा हो रही है.

9 जून को वायरल हुई थी पोस्ट, 3 आरोपियों पर दर्ज हुई एफआईआर

अदिति यादव से जुड़ा यह पूरा विवाद 9 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुई एक भ्रामक और अभद्र पोस्ट के बाद शुरू हुआ था. आरोप है कि इस पोस्ट में अदिति यादव के खिलाफ चोरी और कुछ आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मनगढ़ंत दावे किए गए थे और उनकी एक तस्वीर को भद्दे तरीके से एडिट करके वायरल किया गया था. इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने लखनऊ के हजरतगंज और शामली समेत कई जिलों में सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और कानपुर के साइबर क्राइम थाने में 3 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अपनी जांच तेज कर दी है.