UP Water Crisis: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के मुहरा गांव से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी योजनाओं के बावजूद लोगों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है. जिला मुख्यालय से मात्र 6 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों का कहना है कि यहां पानी की कमी के कारण लड़कों की शादी तक नहीं हो पा रही है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले 40–50 सालों से गांव में जल संकट की समस्या बनी हुई है और कई घरों में दो से तीन युवक शादी योग्य उम्र तक पहुंचने के बावजूद विवाह नहीं कर पा रहे हैं.
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करोड़ों की पानी योजना बनी शोपीस, टंकी और पाइपलाइन बेकार
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की तरफ से करोड़ों रुपये खर्च कर पाइपलाइन बिछाई गई, पानी की टंकी लगाई गई और कई योजनाएं लागू की गईं, लेकिन जमीनी स्तर पर एक बूंद पानी भी नहीं पहुंचता. गांव में केवल तीन हैंडपंप हैं, जिनमें से दो का पानी खारा है, जबकि एक ही हैंडपंप पूरे गांव का सहारा बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि टंकी लगने के बाद केवल एक बार ट्रायल हुआ था, उसके बाद से आज तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई और पूरी व्यवस्था बंद पड़ी है.
ग्रामीणों का दर्द और नाराजगी
गांववालों का कहना है कि पानी की समस्या इतनी गंभीर है कि कोई भी अपने बेटे की शादी इस गांव में करना नहीं चाहता. उनका आरोप है कि शादी के लिए जब रिश्ते की बात होती है तो लोग साफ मना कर देते हैं क्योंकि यहां पानी की भारी दिक्कत है. महिलाओं और परिवारों को रोजाना 2 किलोमीटर दूर से साइकिल या सिर पर पानी ढोकर लाना पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि शादी-विवाह के समय भी पानी की व्यवस्था बड़ी समस्या बन जाती है और बारातियों तक को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता.
सरकारी योजनाओं पर सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय नेता आते हैं, वादे करते हैं लेकिन चुनाव के बाद कोई वापस नहीं लौटता. लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ. नमामि गंगे और हर घर जल योजना जैसी सरकारी योजनाओं के बावजूद स्थिति जमीनी स्तर पर बेहद खराब है, जिससे ग्रामीणों में गुस्सा और निराशा दोनों है.
प्रशासन का जवाब: जल्द समाधान का आश्वासन
वहीं इस मामले पर प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामला संज्ञान में लिया गया है और जल्द ही समाधान किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए जहां भी पानी की समस्या सामने आ रही है, वहां त्वरित कार्रवाई की जा रही है और जल आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं.
बड़े सवाल खड़े
इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं-करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पानी की आपूर्ति क्यों नहीं हो पा रही? क्या सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? और जिला मुख्यालय के इतने करीब होने के बावजूद यह स्थिति क्यों बनी हुई है? ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक उनका जीवन ऐसे ही कठिनाइयों से भरा रहेगा.
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