कल लखनऊ के इको गार्डन पहुंचेंगे अभिजीत दीपके, प्रोटेस्ट में यूपी के टीचर्स और स्टूडेंट्स का देंगे साथ!

Lucknow Eco Garden Protest: लखनऊ के इको गार्डन में 12 जून को भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक मामलों को लेकर बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है, जिसमें प्राइवेट टीचर्स और अभ्यर्थी शामिल होंगे. CJP के फाउंडर अभिजीत दीप के ने भी समर्थन का ऐलान करते हुए धरने में शामिल होने की घोषणा की है.

यूपी तक

• 05:09 PM • 11 Jun 2026

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Lucknow Eco Garden Protest: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 12 जून को इको गार्डन में एक बड़े स्तर का प्रदर्शन होने जा रहा है. इस प्रोटेस्ट में तमाम प्राइवेट टीचर्स और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने हिस्सा लेने का ऐलान किया है. प्रदर्शन को लेकर छात्रों और शिक्षकों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है.

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इस बीच यह भी बड़ा अपडेट सामने आया है कि CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के फाउंडर अभिजीत दीप के भी लखनऊ पहुंचेंगे और आंदोलनकारी छात्रों व शिक्षकों के समर्थन में धरने में शामिल होंगे.

CJP फाउंडर अभिजीत दीपके का प्रोटेस्ट में शामिल होने का ऐलान

CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही है, उसके संस्थापक अभिजीत दीप के ने एक वीडियो जारी कर घोषणा की है कि वे 12 जून को लखनऊ के इको गार्डन में होने वाले प्रदर्शन में स्वयं शामिल होंगे.

उन्होंने कहा कि वे वहां पहुंचकर भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन कर रहे छात्रों और शिक्षकों के साथ खड़े होंगे. उनका कहना है कि पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ यह आवाज और तेज की जाएगी.

अभिजीत दीप के ने अपने संदेश में यह भी कहा कि वे छात्रों और शिक्षकों के समर्थन में धरने पर बैठेंगे और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे.

पहले भी हो चुके हैं प्रदर्शन और कैंडल मार्च

इससे पहले 29 मई को प्रयागराज में छात्रों ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर कैंडल मार्च निकाला था. इस प्रदर्शन में यूपीएसआई स्कोर कार्ड, लेखपाल भर्ती, एसएससी जीडी कांस्टेबल और नीट परीक्षा में पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर विरोध जताया गया था.

इस आंदोलन में कई प्राइवेट टीचर्स भी शामिल हुए थे, जिनमें विवेक कुमार, मारूफ सर और रवि तिवारी जैसे नाम शामिल रहे. यह सभी शिक्षक छात्रों के साथ मिलकर लगातार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग उठाते रहे हैं.

कोचिंग सेंटर सील होने के बाद भी जारी है आंदोलन

बताया गया कि हाल ही में 31 मई को प्रयागराज में कुछ कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया था. इन पर बिल्डिंग में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे थे, जिसके बाद प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने कार्रवाई की थी.

इसके बावजूद शिक्षक और छात्र संगठन लगातार आंदोलन की तैयारी में जुटे हुए हैं और 12 जून के प्रदर्शन को एक बड़ा आयोजन बताया जा रहा है.

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के बाद बढ़ा छात्रों का गुस्सा

गौरतलब है कि हाल ही में 8, 9 और 10 जून को यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा संपन्न हुई है. परीक्षा के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों में असंतोष और चर्चा का माहौल बना हुआ है. इसी बीच 12 जून का यह प्रदर्शन छात्रों और शिक्षकों के लिए अपनी मांगों को रखने का बड़ा मंच माना जा रहा है.

CJP और अभिजीत दीप के की भूमिका पर चर्चा

CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई है और इसके फाउंडर अभिजीत दीप के लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. संगठन की शुरुआत मई 2026 में हुई थी, जब सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हुआ था.

इस टिप्पणी में प्रदर्शनकारी युवाओं को कथित रूप से “कॉकरोच और परजीवी” कहे जाने के बाद विरोध स्वरूप इस व्यंग्यात्मक आंदोलन की शुरुआत की गई थी, जो बाद में एक बड़े ऑनलाइन और स्टूडेंट मूवमेंट में बदल गया.

बताया जा रहा है कि इस पेज के इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं, जिससे यह देश के कई बड़े राजनीतिक मंचों से भी अधिक प्रभावशाली बन गया है.

अभिजीत दीप के का परिचय और राजनीतिक पृष्ठभूमि

अभिजीत दीप के महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व औरंगाबाद) के रहने वाले हैं. उनकी उम्र लगभग 30 वर्ष है. उन्होंने पुणे से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया और बाद में अमेरिका के बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. उन्होंने 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम और चुनाव रणनीति में भी काम किया है.

अब सबकी नजर 12 जून के प्रदर्शन पर

फिलहाल लखनऊ के इको गार्डन में होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर प्रशासन और छात्रों दोनों की निगाहें टिकी हुई हैं. बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और शिक्षकों के जुटने की संभावना है. आंदोलनकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक के आरोपों की जांच और अन्य मांगों को लेकर आवाज उठाने की तैयारी में हैं. अब देखना यह होगा कि यह प्रदर्शन किस दिशा में आगे बढ़ता है और सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है.