UP Police Recruitment Exam: टेक्नोलॉजी हमारी जिंदगी को जितना आसान बनाती है, कभी-कभी इसकी एक छोटी सी चूक इंसान के सपनों पर उतना ही गहरा चोट भी कर सकती है. ऐसा ही एक बेहद हैरान करने वाला और दर्दनाक मामला यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आया है. मुजफ्फरनगर में परीक्षा देने आ रहे गाजियाबाद और हापुड़ के कई अभ्यर्थियों का भविष्य सिर्फ इसलिए दांव पर लग गया, क्योंकि गूगल मैप (Google Maps) ने उन्हें उनके सही परीक्षा केंद्र के बजाय 59 किलोमीटर दूर किसी दूसरे जिले के गांव में पहुंचा दिया. इसके चलते मेहनत और लंबे समय की तैयारी के बावजूद इन अभ्यर्थियों की परीक्षा छूट गई.
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सटीक कोड डालने के बाद भी 59 किमी दूर पहुंची लोकेशन
यह पूरी घटना 10 जून को आयोजित हुई यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा की पहली शिफ्ट के दौरान की है. पीड़ित अभ्यर्थियों के मुताबिक, वे गाजियाबाद और हापुड़ से मुजफ्फरनगर के थाना नई मंडी इलाके में स्थित 'दीपचंद गैन/ग्रीन चेंबर इंटर कॉलेज' परीक्षा केंद्र के लिए निकले थे. रास्ते में जब उन्होंने गूगल मैप पर परीक्षा केंद्र का पूरा नाम और एडमिट कार्ड पर दिया गया स्कूल कोड डाला, तो मैप ने उन्हें मुजफ्फरनगर की जगह पड़ोसी जिले शामली के चंदेड़ी गांव का रास्ता दिखा दिया. जल्दबाजी और घबराहट में अभ्यर्थी मैप के भरोसे शामली पहुंच गए, जहां जाने पर उन्हें पता चला कि वे गलत जगह आ चुके हैं. स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि सिर्फ ये चंद लड़के ही नहीं, बल्कि पिछले तीन दिनों से हजारों बच्चे इसी तरह रास्ता भटक कर उस गांव में पहुंच रहे थे.
डीएम दफ्तर पहुंचे पीड़ित, प्रशासन ने दी दिमाग लगाने की सलाह
पेपर छूटने से परेशान और नाराज सैकड़ों छात्र-छात्राएं सीधे मुजफ्फरनगर जिला कलेक्टेट (डीएम ऑफिस) पहुंचे और लिखित शिकायत पत्र देकर दोबारा परीक्षा कराने की मांग की. वहां मौजूद किसान यूनियन के नेताओं की मदद से जब उनकी बात अधिकारियों तक पहुंची, तो डीएम ने उन्हें भविष्य के लिए एक व्यावहारिक सीख देते हुए कहा कि गूगल मैप भी एक इंसान ने ही बनाया है, इसलिए आंख बंद करके पूरी तरह उस पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और स्थानीय लोगों से रास्ता कंफर्म कर लेना चाहिए. हालांकि, प्रशासन ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि उनकी इस समस्या और दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर एक आवेदन भर्ती बोर्ड को भेजा जा रहा है, ताकि आगे जो भी उचित निर्णय हो, लिया जा सके.
एसपी सिटी का बयान और भविष्य के लिए क्यूआर कोड का सुझाव
इस पूरे मामले पर मुजफ्फरनगर के एसपी सिटी अमृत जैन ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया परीक्षा केंद्र के स्तर पर कोई तकनीकी दिक्कत नहीं थी, क्योंकि उसी सेंटर पर पिछली पालियों की तरह इस शिफ्ट में भी 480 में से 373 अभ्यर्थियों ने बिना किसी परेशानी के एग्जाम दिया है. फिर भी, अभ्यर्थियों की शिकायत के आधार पर पुलिस प्रशासन गूगल (Google) को एक पत्र लिखकर यह जानने की कोशिश करेगा कि आखिर मैप पर यह गलत लोकेशन क्यों दिखाई दे रही थी. इसके साथ ही, पुलिस ने भर्ती बोर्ड को एक महत्वपूर्ण फीडबैक दिया है कि भविष्य में होने वाली परीक्षाओं के एडमिट कार्ड पर ही एक क्यूआर कोड (QR Code) या मूल गूगल मैप का लिंक प्रिंट कर दिया जाए, ताकि आगे से कोई भी अभ्यर्थी इस तरह रास्ता भटक कर अपने भविष्य से हाथ न धोए.
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