साइकिल से चलने वाले किसान हवाई जहाज से कर रहे सफर! जेवर एयरपोर्ट ने ऐसे बदली किस्मत

Jewar International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसान पहली बार हवाई जहाज से लखनऊ पहुंचे हैं. किसानों ने बेहतर मुआवजे और क्षेत्र में हुए विकास पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया है.

यूपी तक

15 Jun 2026 (अपडेटेड: 15 Jun 2026, 02:31 PM)

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Jewar International Airport News: जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों के लिए एक ऐतिहासिक और भावुक पल सामने आया है. कभी साइकिल से चलने वाले ये किसान आज हवाई जहाज में बैठकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए लखनऊ जा रहे हैं. अपनी जमीन के बदले बेहतरीन मुआवजा मिलने और इलाके में अंतरराष्ट्रीय स्तर का विकास होने से किसान बेहद खुश हैं. खुशी से लबरेज इन किसानों ने इस अभूतपूर्व विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम योगी और स्थानीय विधायक का दिल से आभार जताया है.

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जमीन के बदले मिला विकास

एयरपोर्ट के लिए अपनी 14 एकड़ जमीन देने वाले 76 वर्षीय किसान महेंद्र शर्मा ने कहा कि उन्हें अपनी जमीन जाने का कोई दुख नहीं है. उन्होंने अपनी बात रखते हुए बताया कि, 'जमीन तो गई है हमारी, लेकिन उसका जो हमें पैसा मिला हमने जमीन खरीद ली.' मुआवजे के पैसों से दोगुनी संपत्ति बनाने वाले इन किसानों का मानना है कि इस एयरपोर्ट के बनने से उनके बच्चों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और चारों तरफ शानदार कनेक्टिविटी बन गई है.

सीएम योगी को बताया भगवान

लखनऊ रवाना होने से पहले किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की है. दयानतपुर गांव के किसान रोहताश सिंह चौहान बातचीत के दौरान काफी भावुक हो गए थे. उन्होंने कहा कि, 'कभी हमने वेद पुराणों में सुना था कि भगवान खुद नहीं आते, लेकिन किसी साधु के भेष में वो खुद आए हैं और उनको हम कहेंगे तुम बिल्कुल साक्षात भगवान हो.' किसानों का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी यह नहीं सोचा था कि उनके क्षेत्र में इतना बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनेगा, लेकिन अब यह सपना सच हो गया है.

गड्ढों वाले रास्ते से उड़ान

किसानों ने पुराने जेवर और आज के जेवर की तुलना करते हुए बताया कि पहले यहां सिर्फ भारी गड्ढे थे और जुगाड़ वाले वाहन चलते थे. रोहताश सिंह ने अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए कहा कि, 'पहले जेवर या उत्तर प्रदेश के यहां गड्ढे होते थे, जुगाड़ चलता था.' लेकिन आज वही किसान साइकिल और जुगाड़ को छोड़कर हवाई जहाज का शानदार सफर कर रहे हैं. किसानों ने खुशी-खुशी अपनी जमीनें दी हैं और वे मानते हैं कि सीएम योगी और पीएम मोदी के विजन ने जेवर को विश्व पटल पर एक नई पहचान दी है.