Jewar Airport: जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक है, क्योंकि यहां पहली कमर्शियल फ्लाइट की सफल लैंडिंग और टेक ऑफ हुआ है. इस खास मौके पर एयरपोर्ट के लिए अपनी कीमती जमीन देने वाले 160 किसानों का एक बड़ा समूह हवाई जहाज के जरिए विशेष तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ गया है. इस समूह में कई बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हैं, जिनके लिए यह जीवन की पहली उड़ान है. जेवर के अभूतपूर्व विकास और अपनी पहली हवाई यात्रा को लेकर इन किसानों और महिलाओं के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है.
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बुजुर्ग महिलाओं की पहली उड़ान
एयरपोर्ट के लिए अपनी 4 बीघा जमीन देने वाली बुजुर्ग महिला प्रवेश ने बताया है कि वह जीवन में पहली बार हवाई जहाज में बैठ रही हैं. उनसे जब पूछा गया कि क्या उन्हें डर लग रहा है, तो उन्होंने हंसते हुए कहा था कि, 'अब बहू जा रही है साथ, वो संभाल लेगी.' इसी तरह अन्य महिलाएं भी अपने जीवन की इस पहली हवाई उड़ान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से होने वाली अपनी इस विशेष मुलाकात को लेकर बेहद उत्साहित और खुश नजर आ रही हैं.
'कुछ खोया तो कुछ पाया है'
किसानों का स्पष्ट रूप से मानना है कि उन्होंने विकास के लिए अपनी जमीन देकर एक बहुत बड़ा और सही फैसला लिया है. अपनी जमीन देने वाली महिला कमलेश चौकर ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा है कि, 'सोचा भी नहीं था कभी, अब जमीन तो गई है, कुछ खोया है तो कुछ पाया है विकास के लिए.' किसानों ने इस भव्य एयरपोर्ट के निर्माण और क्षेत्र में हो रहे बड़े विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय विधायक धीरेंद्र सिंह को धन्यवाद दिया है.
पिछड़े जेवर से दुनिया तक पहचान
जेवर का नाम अब केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में जाना जा रहा है. महिला किसान रीता सिंह ने जेवर की पुरानी स्थिति को याद करते हुए बताया है कि, 'पहले जेवर को कौन जानता था? जेवर को अगर हम बताते थे कहीं तो कहते थे कौन सा जेवर है?' उन्होंने खुशी जताते हुए कहा है कि आज जेवर बिल्कुल नोएडा जैसा हो गया है और इस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के बन जाने से अब यह इलाका पूरे एशिया और दुनिया में अपनी एक नई पहचान बना रहा है.
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