UP Viral News: सोशल मीडिया पर वायरल खबरों की कड़ी में एक बार फिर दो अलग-अलग वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा है. एक तरफ शिक्षक से समाजवादी पार्टी के नेता बने नवीन शर्मा का वीडियो चर्चा में है, जिसमें शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा उन्हें एक अभियान में जिम्मेदारी देने की बात सामने आ रही है. वहीं दूसरी ओर लखनऊ में खुद को “नोएडा का आईपीएस अधिकारी” बताने वाले एक शख्स का वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस और आम लोगों के बीच बहस छेड़ दी है.
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नवीन शर्मा का वायरल वीडियो और शंकराचार्य की भूमिका
वायरल वीडियो में शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के स्वागत भाषण के दौरान यह कहा जाता है कि उपस्थित लोगों की सहमति से नवीन शर्मा को एक जिम्मेदारी दी जाए. वीडियो में यह भी सुनाई देता है कि सभी लोग नवीन शर्मा को जिम्मेदारी देने की बात कहते हैं और शंकराचार्य उन्हें प्रभारी बनाए जाने की घोषणा करते हैं.
यह कार्यक्रम 14 जून का बताया जा रहा है, जो रविवार को बुलंदशहर के धनकोर रोड स्थित नवीन शर्मा के कार्यालय में हुआ था. यहां शंकराचार्य गौ रक्षा से जुड़े “गौ रक्षा एवं धर्म जागरण” अभियान के तहत पहुंचे थे, जो 81 दिनों की राष्ट्रव्यापी यात्रा का हिस्सा बताया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि शंकराचार्य ने सभी की सहमति के बाद नवीन शर्मा को सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी घोषित किया. नवीन शर्मा समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं और इसी क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे हैं. वह हाल ही में अपने राजनीतिक गतिविधियों और एक पुराने भर्ती से जुड़े मुकदमे को लेकर भी चर्चा में रहे हैं.
लखनऊ में फर्जी आईपीएस का वायरल मामला
दूसरी खबर लखनऊ के महानगर क्षेत्र की है, जहां एक शख्स का वीडियो वायरल हुआ है. इस वीडियो में वह खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों और दुकानदारों से बहस करता नजर आता है.
आरोप है कि इस व्यक्ति ने एक चाय दुकान से ब्रेड का पैकेट लिया और भुगतान नहीं किया. जब दुकानदार ने पैसे मांगे तो उसने कथित तौर पर खुद को आईपीएस बताते हुए पुलिस से भी सैल्यूट की मांग कर दी.
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब उससे पहचान पत्र मांगा तो वह कोई वैध आईडी नहीं दिखा सका. पुलिस के अनुसार, जब उसे थाने लाया गया तो जांच में सामने आया कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है, बल्कि एक निजी कंपनी में कार्यरत कर्मचारी है.
पुलिस ने आरोपी की पहचान मिथिलेश गुप्ता के रूप में की है, जो नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी (Samsung से जुड़ी इकाई) में काम करता है. पुलिस ने बताया कि वह अक्सर फर्जी पहचान बनाकर दबदबा दिखाने की कोशिश करता था, लेकिन इस बार वह पकड़ा गया.
सोशल मीडिया पर दोनों मामलों की चर्चा तेज
दोनों ही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोगों के बीच इन पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. एक तरफ राजनीतिक और धार्मिक मंच पर दिए गए बयान चर्चा में हैं, तो दूसरी तरफ फर्जी आईपीएस बनकर रौब दिखाने का मामला लोगों में हैरानी पैदा कर रहा है.
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