Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित मामले की जांच के लिए लखनऊ के डिवीजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम अयोध्या पहुंची. टीम ने मंदिर परिसर में पहुंचते ही जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी और सबसे पहले मंदिर में स्थापित दान पेटियों का मुआयना किया. अधिकारियों ने यह समझने की कोशिश की कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई रकम किस प्रक्रिया के तहत जमा की जाती है और उसे सुरक्षित रखने के लिए कौन-कौन से प्रबंध किए गए हैं. इसके साथ ही चढ़ावे से संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की बारीकी से समीक्षा की गई.
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दान पेटियों और रकम जमा करने की प्रक्रिया को करीब से समझा
जांच टीम ने मंदिर परिसर में मौजूद दान पेटियों की स्थिति का निरीक्षण किया और यह जानने का प्रयास किया कि कहीं इनमें से रुपये निकाले जाने की कोई संभावना तो नहीं है. प्रारंभिक स्तर पर टीम ने दान पेटियों से सीधे रकम निकालने की संभावनाओं को खारिज करने की दिशा में भी जांच की.
इसके अलावा अधिकारियों ने चढ़ावे की रकम को गड्डियों में बदलने, उसकी गिनती करने और बाद में बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझा. इस दौरान उन कर्मचारियों की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया गया जो इन प्रक्रियाओं से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं.
कर्मचारियों के रिकॉर्ड और आवाजाही की भी हुई जांच
मामले की जांच केवल चढ़ावे की रकम तक सीमित नहीं रही, बल्कि मंदिर ट्रस्ट और कर्मचारियों के रिकॉर्ड की भी जांच की गई. टीम ने कर्मचारियों के आने-जाने के विवरण और उनकी भूमिका को समझने का प्रयास किया.
इसके साथ ही पिछले करीब डेढ़ साल में मंदिर परिसर में कितने कर्मचारी नियुक्त हुए और कितनों ने काम छोड़ा, इस पूरे रिकॉर्ड की जांच शुरू की गई. जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं किसी कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध तो नहीं रही.
सीसीटीवी सिस्टम और दस्तावेजों की हुई बारीकी से पड़ताल
जांच टीम ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी सिस्टम की भी गहन जांच की. अधिकारियों ने कैमरों की निगरानी व्यवस्था, रिकॉर्डिंग और सुरक्षा तंत्र को परखा ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या प्रक्रिया में गड़बड़ी की संभावना का पता लगाया जा सके.
इसके अलावा चढ़ावे से संबंधित दस्तावेजों का भी विस्तार से अध्ययन किया गया. रकम की गिनती, उसके रिकॉर्ड और बैंक में जमा प्रक्रिया से जुड़े कागजातों की जांच की जा रही है.
अगले चरण में कर्मचारियों और आरोपियों से होगी पूछताछ
जांच के अगले चरण में उन सभी कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी जो चढ़ावे की रकम की गिनती, गड्डियां बनाने और बैंक में रकम जमा कराने की प्रक्रिया में शामिल रहे हैं. साथ ही आरोपियों और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े संबंधित कर्मचारियों से भी सवाल-जवाब किए जाएंगे.
अधिकारियों का उद्देश्य मामले के हर पहलू को कवर करना है ताकि चढ़ावे की रकम में किसी भी तरह की गड़बड़ी, लापरवाही या अनियमितता की सच्चाई सामने लाई जा सके.
जांच में सहयोग कर रहा मंदिर ट्रस्ट
राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी और कर्मचारी जांच टीम को पूरा सहयोग दे रहे हैं. अधिकारियों की टीम ने करीब आठ घंटे तक मंदिर परिसर में रहकर व्यवस्थाओं को समझा और उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा की.
सूत्रों के मुताबिक, आगे की पूछताछ और जांच के लिए टीम एक बार फिर मंदिर ट्रस्ट पहुंच सकती है. प्रशासन इस पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखने और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करने पर जोर दे रहा है.
राम मंदिर की प्रतिष्ठा और चढ़ावे की सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस
राम मंदिर देश की आस्था का एक बड़ा केंद्र है, ऐसे में चढ़ावे की रकम से जुड़ा कोई भी मामला संवेदनशील माना जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता और कड़ाई के साथ की जा रही है ताकि मंदिर की प्रतिष्ठा बनी रहे और श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई राशि की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके.
जांच एजेंसियां हर संभावित पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही हैं, जिससे यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसे उजागर किया जा सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके.
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