राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के आरोपों पर संतोष दुबे ने कही ये बात...

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और जमीन घोटाले के गंभीर आरोप सामने आए हैं. राम मंदिर आंदोलन से जुड़े संतोष दुबे ने चंपत राय और कुछ सहयोगियों पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सीसीटीवी फुटेज नष्ट करने की बात कही है.

यूपी तक

• 05:38 PM • 16 Jun 2026

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Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और जमीन घोटाले को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे संतोष दुबे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मंदिर ट्रस्ट के भीतर चढ़ावे की राशि में अनियमितता और चोरी की घटनाएं हुई हैं. इन आरोपों ने एक बार फिर पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है और जांच की मांग तेज हो गई है.

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संतोष दुबे के आरोप: चंपत राय और सहयोगियों पर निशाना

संतोष दुबे का आरोप है कि जमीन से जुड़े कथित घोटाले और चढ़ावे की चोरी के पीछे चंपत राय और उनके कुछ सहयोगियों की भूमिका है. उनके अनुसार, इस पूरे मामले में चार प्रमुख लोग शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्होंने मिलकर चढ़ावे से जुड़ी राशि में गड़बड़ी की है.

सीसीटीवी फुटेज नष्ट करने का भी आरोप

संतोष दुबे ने यह भी दावा किया है कि मामले से जुड़े अहम सीसीटीवी फुटेज को नष्ट कर दिया गया, जिससे जांच प्रभावित हुई है. उनका कहना है कि अगर फुटेज सुरक्षित होती तो सच्चाई सामने आ सकती थी. इसी आधार पर उन्होंने निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है और दोषियों को सजा देने की मांग की है.

आंदोलन से जुड़े अनुभव भी किए साझा

संतोष दुबे ने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान उन्होंने कई कठिनाइयों का सामना किया था. उन्होंने बताया कि आंदोलन के समय उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी परेशानियों का सामना करना पड़ा, यहां तक कि उनके घर की कुर्की तक की स्थिति बन गई थी.

ट्रस्ट और जिम्मेदार लोगों पर उठे सवाल

उन्होंने ट्रस्ट और मंदिर से जुड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि सभी संबंधित लोगों की संपत्तियों और कार्यप्रणाली की जांच होनी चाहिए ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके.

मामले का प्रभाव और निष्कर्ष

इन आरोपों ने राम मंदिर से जुड़े पूरे आंदोलन और उसकी छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि यह मामला आस्था से जुड़ा संवेदनशील विषय है, लेकिन संतोष दुबे का कहना है कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि देश के मान-सम्मान और पारदर्शिता को बनाए रखना जरूरी है.