'हम किसी की बी टीम नहीं'... ओवैसी का SP पर पलटवार, गठबंधन को लेकर रखी बड़ी शर्त!

Asaduddin Owaisi: बहराइच से चुनावी अभियान शुरू करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी चुनाव में गठबंधन के लिए 'बराबरी और सम्मान' की शर्त रखी है. उन्होंने सपा पर 'बी टीम' वाले आरोपों को लेकर पलटवार किया और सीएम योगी पर भी निशाना साधा है.

यूपी तक

15 Jun 2026 (अपडेटेड: 15 Jun 2026, 05:39 PM)

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Asaduddin Owaisi: एआईएमआईएम (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीतियां स्पष्ट कर दी हैं. बहराइच से चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए ओवैसी ने सपा, बीजेपी और केंद्र सरकार पर तीखे हमले बोले हैं. उन्होंने राजनीतिक गठबंधन के दरवाजे खुले रखे हैं, लेकिन साथ ही अपनी शर्तों को भी स्पष्ट रूप से सामने रख दिया है. ओवैसी ने खुद को 'बी टीम' कहे जाने वाले आरोपों पर सफाई देते हुए देश में मुसलमानों की एक मजबूत राजनीतिक लीडरशिप खड़ी करने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया है.

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'बराबरी और इज्जत से होगा अलायंस'

आगामी यूपी चुनाव में गठबंधन को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट कर दी है. उन्होंने सपा या बसपा से अलायंस के सवाल पर कहा है कि, 'हमारी पार्टी अलायंस करने को तैयार है, बीजेपी को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए.' हालांकि, ओवैसी ने यह भी शर्त रखी है कि यह अलायंस बराबरी का होना चाहिए और उन्हें पूरी इज्जत मिलनी चाहिए. उनका स्पष्ट रूप से मानना है कि बीजेपी को रोकने की जिम्मेदारी सिर्फ मुसलमानों की नहीं है और वे अपना स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व खड़ा करने के लिए लगातार काम करते रहेंगे.

'बी टीम' के आरोपों पर पलटवार

समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों द्वारा एआईएमआईएम को बीजेपी की 'बी टीम' बताए जाने पर ओवैसी ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा है कि, 'आपने तेजस्वी यादव, राजद का साथ दिया, कौन जीता वहां पर?' ओवैसी ने कांग्रेस और राजद के विधायकों के पार्टी छोड़ने का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया है. उनका कहना है कि विपक्षी दल खुद अपनी नाकामियां छुपाने के लिए हमेशा उन्हें जिम्मेदार ठहराने की कोशिश करते हैं.

सीएम योगी को दी संविधान की नसीहत

ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए उन्हें भारत का संविधान पढ़ने की नसीहत दी है. राज्य में मस्जिदों से जुड़ी हालिया कार्रवाइयों और पोस्टरों पर होने वाले विवादों का जिक्र करते हुए ओवैसी ने पूछा है कि, 'मस्जिद में क्या प्रॉफेट मोहम्मद से मोहब्बत की कैलीग्राफी मिलेगी या फिर नरेंद्र मोदी और आरएसएस की कैलीग्राफी मिलेगी?' इसके अलावा, ओवैसी ने पेपर लीक मामले में एयरफोर्स का इस्तेमाल करने को लेकर भी राज्य और केंद्र सरकार की शासन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.