उत्तर प्रदेश का प्रयागराज इस वक्त एक खौफनाक तिहरे हत्याकांड से दहल उठा है. मेजा इलाके में एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों की निर्मम हत्या ने पूरे सूबे को सन्न कर दिया है. इस दिल दहला देने वाली वारदात में अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ आ गया है. उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर बेहद तीखा और सीधा हमला बोला है. राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सपा के 'PDA' नारे को 'KDA' करार दिया है.
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'आरोपी आपका कार्यकर्ता है ना? अखिलेश पर बरसे राजभर
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अखिलेश यादव को टैग करते हुए एक लंबा और आक्रामक पोस्ट लिखा. राजभर ने लिखा: "हे भाई अखिलेश यादव जी, प्रयागराज की इतनी निर्मम घटना सुनकर सच में दिल दहल गया. एक ही ओबीसी (तेली) परिवार के तीन बुजुर्गों को दौड़ा-दौड़ा कर काटते वक्त हत्यारे के हाथ भी नहीं कांपे? क्या उनका बस यही दोष था कि वे अपने घर की लाडली की शादी एक लफंगे से नहीं करना चाहते थे?"
राजभर ने आगे हमला जारी रखते हुए लिखा, "अखिलेश बाबू, कोई इतना राक्षसी विचार का कैसे हो जाता है? आरोपी आपका अपना स्वजाति है, आपका अपना मजनू कार्यकर्ता है ना? आपने अपने यादवों को क्या बना दिया है? ट्विटर, एसी और पीसी से झूठ की दुकान चलाने वाले अखिलेश जी, कम से कम संवेदना ही जाहिर कर देते. आपका PDA यानी 'पीटेगा अहीर, पीटेगा अल्पसंख्यक सपाई' अब KDA बन चुका है, यानी 'काट देगा अहीर'." राजभर ने दावा किया कि यूपी पुलिस की जनवरी से अप्रैल 2026 की रिपोर्ट में दलितों-शोषितों के खिलाफ अपराध में एक खास वर्ग के लोग शामिल हैं, जिसके आंकड़े वह जल्द ही जोन वार जारी करेंगे.
पुलिस एनकाउंटर में दबोचा गया मुख्य आरोपी हिमांशु यादव
एक तरफ जहां इस मुद्दे पर सूबे की सियासत गरमा गई है, वहीं प्रयागराज पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी हिमांशु यादव को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस को देर रात जांच के दौरान आरोपी की सटीक लोकेशन मिली थी, जिसके बाद उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की गई.
पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान आरोपी हिमांशु यादव ने पुलिस की पिस्टल छीनकर हमला करने और भागने की कोशिश की. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जो सीधे हिमांशु के पैर में लगी. पुलिस ने उसे घायल हालत में हिरासत में लेकर तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है.
इश्क और बंदिशें बनीं तीन बुजुर्गों की मौत की वजह
अस्पताल में हुई शुरुआती पूछताछ में आरोपी हिमांशु यादव ने अपना गुनाह पूरी तरह कबूल कर लिया है. पुलिस के अनुसार, हिमांशु गांव की ही एक लड़की से एकतरफा प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था. लेकिन लड़की के परिवार वाले इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे. परिवार ने दोनों के मिलने-जुलने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी और लड़की को किसी दूसरे रिश्तेदार के घर भेज दिया था.
इसी बात से गुस्साए हिमांशु के सिर पर खून सवार हो गया और उसने रात के अंधेरे में घर में घुसकर लड़की के दादा श्यामलाल गुप्ता (65), दादी अमरावती गुप्ता (65) और बुआ इंद्रावती गुप्ता (62) को बेदर्दी से मौत के घाट उतार दिया. इस खौफनाक वारदात के बाद से ही कुकुर कटवा गांव में भारी तनाव और पुलिस बल तैनात है.
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