नीट परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर लगा Temporary Ban! गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर से हटा ऐप, जानें क्या है वजह

यूपी तक

17 Jun 2026 (अपडेटेड: 17 Jun 2026, 04:28 PM)

नीट परीक्षा 2026 से पहले भारत सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया है. NTA की सिफारिश पर आईटी मंत्रालय ने यह कदम पेपर लीक के भ्रम और फर्जी चैनलों को रोकने के लिए उठाया है.

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नीट (NEET UG 2026) परीक्षा से ठीक पहले देश में एक और बड़ा प्रशासनिक और तकनीकी घटनाक्रम सामने आया है. पेपर लीक और सोशल मीडिया पर होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर सरकार ने टेलीग्राम ऐप पर 22 जून 2026 तक अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया है. इस कड़े फैसले के तुरंत बाद गूगल प्ले-स्टोर और एपल ऐप स्टोर से टेलीग्राम ऐप को हटा दिया गया है.

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एडिटिंग फीचर का खेल और आईआईटी मद्रास की रिपोर्ट

जांच में सामने आया है कि टेलीग्राम पर कई ऐसे फर्जी और फ्रॉड चैनल सक्रिय थे, जो छात्रों को असली पेपर देने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूल रहे थे. जालसाज टेलीग्राम के 'मैसेज एडिट' करने वाले फीचर का गलत फायदा उठा रहे थे. वे पुराने मैसेजेस को बदलकर नया कर देते थे, जिससे छात्रों के बीच परीक्षा से पहले ही पेपर लीक होने का भारी भ्रम और पैनिक फैल रहा था. इस तकनीकी समस्या और इसके जरिए फैल रहे भ्रम की पुष्टि आईआईटी (IIT) मद्रास ने भी अपनी जांच रिपोर्ट में की है.

टेलीग्राम के सीईओ पावेल दुरोव भड़के, कहा- 15 करोड़ यूजर्स प्रभावित

सरकार के इस औचक फैसले पर टेलीग्राम के सीईओ पावेल दुरोव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इस कार्रवाई की आलोचना की है. दुरोव का कहना है, "इस अस्थाई प्रतिबंध से भारत के करीब 15 करोड़ टेलीग्राम यूजर्स प्रभावित हुए हैं. किसी ऐप को पूरी तरह बंद कर देने से असली दोषियों को पकड़ना संभव नहीं होगा."

हालांकि, दुरोव ने यह भी साफ किया कि टेलीग्राम ने भारत सरकार की चिंता के बाद कई फ्रॉड और संदिग्ध चैनल्स को डिलीट कर दिया है. बताया जा रहा है कि साल 2014 में टेलीग्राम की स्थापना करने वाले पावेल दुरोव अब भारत सरकार के इस फैसले को कानूनी चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं.

21 जून को होनी है परीक्षा, विपक्ष ने उठाए कदम पर सवाल

गौरतलब है कि नीट 2026 की मुख्य परीक्षा 21 जून को आयोजित होनी है. परीक्षा से ऐन पहले पेपर लीक के आरोपों और टेलीग्राम पर लगे इस बैन को लेकर देश में सियासी पारा भी चढ़ गया है. विपक्ष ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाते हुए इसे मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने वाली कार्रवाई बताया है.