महिला पहलवान यौन उत्पीड़न केस में बृजभूषण शरण सिंह को मिली बड़ी राहत, राउज एवेन्यू कोर्ट ने किया बरी

यूपी तक

• 02:13 PM • 03 Aug 2026

Brij Bhushan Sharan Singh: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए बीजेपी नेता और पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह तथा सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया है.

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Brij Bhushan Sharan Singh: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत दी है. महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट ने बृजभूषण और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया है. साल 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश के कई बड़े पहलवानों ने उनके खिलाफ लंबा प्रदर्शन किया था. अब लगभग 3 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने सबूतों की कमी के आधार पर उन्हें बेदाग करार दिया है.

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सबूतों की कमी से हुए बरी

सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस चर्चित मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाया. कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूत आरोपों को साबित करने के लिए काफी नहीं थे. इसके अलावा, मामले में दिए गए बयानों में भी कई विरोधाभास और कमियां पाई गईं. इसी आधार पर कोर्ट ने बृजभूषण और विनोद तोमर को बरी कर दिया. इससे पहले एक नाबालिग पहलवान ने भी पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के बाद कोर्ट उस केस को पहले ही खत्म कर चुका है.

फैसले के बाद बृजभूषण का बयान

कोर्ट से राहत मिलने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि आज न्याय की जीत हुई है. उन्होंने कहा, 'मैंने पहले दिन से ही कहा था कि यह एक साजिश है. अगर मेरे ऊपर कोई भी आरोप सही पाया जाता, तो मैं खुद सजा भुगतने को तैयार था.' बृजभूषण ने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा कमजोर और जूनियर खिलाड़ियों के हक की लड़ाई लड़ी है और कभी खुद को अपराधी नहीं माना.

विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया

इस फैसले पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ने जो फैसला दिया है, उसका सभी को सम्मान करना चाहिए. अगर सरकार को लगता है कि पुलिस की जांच ठीक से नहीं हुई है या फैसला सही नहीं है, तो उसे ऊपरी अदालत में अपील करनी चाहिए.

जानिए इस केस की पूरी टाइमलाइन

18 जनवरी 2023: पहलवानों ने न्याय की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया.

23 जनवरी 2023: खेल मंत्रालय ने आरोपों की जांच के लिए एक ओवरसाइट कमेटी बनाई.

21 अप्रैल 2023: छह महिला पहलवानों ने दिल्ली पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई.

28 अप्रैल 2023: दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज की.

15 जून 2023: दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण और विनोद तोमर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की.

20 जुलाई 2023: दोनों आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत मिल गई.

10 मई 2024: कोर्ट ने इस मामले में आरोप तय किए और ट्रायल शुरू हुआ.

3 अगस्त 2026: कोर्ट ने सबूतों की कमी के चलते दोनों आरोपियों को बरी कर दिया.

फिलहाल इस फैसले के बाद बृजभूषण को एक बहुत बड़ी राहत मिली है. लेकिन अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या महिला पहलवान कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत (हाई कोर्ट) का दरवाजा खटखटाएंगी या नहीं.