प्रयागराज में भर्ती परीक्षाओं के कथित घोटालों पर बड़ा बवाल, SSC GD और लेखपाल परीक्षा को लेकर छात्रों का फूटा गुस्सा

Prayagraj Student Protest: प्रयागराज में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने आंदोलन तेज कर दिया है. छात्र नेता आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में 29 मई को कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया गया है. छात्रों की मांग है कि लेखपाल और एसएससी जीडी परीक्षा का री-एग्जाम हो, स्कोर कार्ड जारी किए जाएं और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए.

यूपी तक

• 11:03 AM • 28 May 2026

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Prayagraj Student Protest: प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों ने हाल के दिनों में हुई विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोपों को लेकर आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है. पुलिस दरोगा भर्ती, लेखपाल भर्ती और एसएससी जीडी परीक्षा को लेकर छात्रों के बीच लगातार नाराजगी देखने को मिल रही है. इसी को लेकर छात्र नेता आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में छात्रों ने एकजुट होकर आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है. इसके तहत 29 मई को शाम 6 बजे प्रयागराज के मनमोहन पार्क, कटरा में कैंडल मार्च निकालने का आह्वान किया गया है. छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन उन युवाओं की लड़ाई है जो पारदर्शी, निष्पक्ष और ईमानदार भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं और अपने अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े हैं.

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छात्रों का कहना है कि इस आंदोलन का उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में सुधार लाना और भ्रष्टाचार व अनियमितताओं को खत्म करना भी है. प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांग है कि लेखपाल भर्ती परीक्षा का दोबारा आयोजन (री-एग्जाम) कराया जाए. साथ ही एसएससी जीडी भर्ती परीक्षा को लेकर भी पुनः परीक्षा कराने, अभ्यर्थियों का स्कोर कार्ड जारी करने और वेटिंग लिस्ट जल्द जारी करने जैसी मांगें प्रमुख रूप से उठाई जा रही हैं. छात्रों को उम्मीद है कि उनकी आवाज संबंधित संस्थाओं और सरकार तक पहुंचेगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और न्यायपूर्ण बनाया जा सके.

छात्रों का मानना है कि प्रयागराज से शुरू हुआ यह आंदोलन सिर्फ भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और कथित नकल माफियाओं के खिलाफ भी एक बड़ा संदेश है. प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि शिक्षा प्रणाली को प्रभावित करने वाले गिरोहों और अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से आयोजित हो सकें. छात्रों के अनुसार यह संघर्ष केवल नौकरी पाने का नहीं, बल्कि नैतिकता, ईमानदारी और साफ-सुथरी शिक्षा व्यवस्था की मांग का भी प्रतीक है. उन्हें विश्वास है कि अधिक से अधिक छात्रों की भागीदारी से न्याय की लड़ाई और मजबूत होगी.

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