SSC GD Exam Scam: हाल ही में SSC GD की ऑनलाइन परीक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर कथित हैकिंग और तकनीकी धांधली के आरोप सामने आए हैं, जिसने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. दावा किया जा रहा है कि ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के दौरान कई परीक्षा लैब्स में सेटिंग के जरिए उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. आरोपों के अनुसार कुछ स्थानों पर ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमें उम्मीदवार केवल कंप्यूटर के सामने बैठा रहता था और सिस्टम के माध्यम से उत्तर स्वतः चयनित किए जाने या नंबर बढ़ाने जैसी गतिविधियां होती थीं. बताया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में बड़ी संख्या में लैब्स का इस्तेमाल किया गया, जिनकी जांच अब एजेंसियों के रडार पर है.
ADVERTISEMENT
ईश्वर प्रसाद की गिरफ्तारी और जांच एजेंसियों की पड़ताल
इस मामले में ईश्वर प्रसाद नाम के एक व्यक्ति को कथित तौर पर गिरफ्तार किया गया है, जिसे इस नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है. आरोप है कि उसने परीक्षा केंद्रों और कुछ कर्मचारियों के साथ सांठगांठ कर ऑनलाइन परीक्षा में गड़बड़ी कराने की व्यवस्था तैयार की. बताया जा रहा है कि हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों में संचालित लैब्स के जरिए इस कथित नेटवर्क को चलाया गया और मुनाफे के आधार पर हिस्सेदारी तय की गई थी. जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि किन-किन परीक्षा केंद्रों और लोगों की भूमिका इसमें रही. वहीं, छात्रों के बीच इस बात को लेकर नाराजगी भी है कि अब तक इस पूरे मामले पर SSC की ओर से कोई विस्तृत और स्पष्ट अपडेट सामने नहीं आया है.
ऑफलाइन लीक बनाम ऑनलाइन हैकिंग, क्यों बढ़ी चिंता?
इस मामले ने ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर नई बहस छेड़ दी है. विशेषज्ञों और छात्रों का कहना है कि ऑफलाइन परीक्षा में यदि पेपर लीक होता है तो मामला जल्दी सामने आ जाता है और कई बार परीक्षा रद्द तक कर दी जाती है. लेकिन ऑनलाइन परीक्षा में तकनीकी हैकिंग की स्थिति अधिक जटिल मानी जा रही है, क्योंकि इसमें प्रश्नपत्र बाहर नहीं आता और गड़बड़ी पर्दे के पीछे होती रहती है. ऐसे में यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कितने उम्मीदवारों को गलत तरीके से फायदा मिला और कितनी व्यापक स्तर पर धांधली हुई. इससे ईमानदारी से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के बीच असंतोष बढ़ा है.
कड़ी जांच और पारदर्शिता की मांग
इस पूरे विवाद के बाद छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों की मांग है कि SSC को सभी परीक्षा केंद्रों की सख्ती से जांच करनी चाहिए और जहां भी धांधली की आशंका मिले, वहां तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए. कई लोग इस मामले की जांच उच्च स्तरीय एजेंसियों जैसे CBI से कराने की मांग भी कर रहे हैं ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि भविष्य में ऑनलाइन परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नई तकनीक, मजबूत साइबर सुरक्षा और निगरानी तंत्र लागू करना जरूरी है. छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है, इसलिए किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी या धांधली को नजरअंदाज करना भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.
ADVERTISEMENT









