प्रयागराज के जाने-मानें न्यूरोसर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा एक बड़े विवाद में फंस गए हैं. सिविल लाइंस इलाके में स्थित उनके क्लीनिक पर एक युवती ने इलाज के दौरान बैड टच का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने युवती की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.हालांकि डॉक्टर ने इन सभी आरोपों को गलत और झूठा बताया है.
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इलाज के बहाने कपड़े उतरवाने का आरोप
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के क्लाइव रोड पर स्थित डॉ. कार्तिकेय शर्मा के क्लीनिक पर गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई. जब एक युवती ने डॉक्टर पर बदसलूकी का आरोप लगाया. युवती का दावा है कि जब वह चेकएप के लिए अंदर गई तो डॉक्टर ने वहां मौजूज मरीजों को बाहर निकाल दिया.फिर कमरा बंद कर उसके कपड़े उतरवाए. युवती ने आरोप लगाया कि इस दौरान डॉक्टर ने उसके साथ बैड टच किया. घटना के बाद युवती ने क्लीनिक पर ही हंगामा शुरू कर दिया जिसके बाद डॉक्टर ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और पुलिस को सूचना दी.
'मानसिक रूप से अस्वस्थ है युवती'
दूसरी ओर डॉ. कार्तिकेय शर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे झूठा करार दिया है. डॉक्टर के मुताबिक, युवती अपने भाई के साथ आई थी और उसका चेकअप महज एक से डेढ़ मिनट तक चला जिसके बाद वह बाहर चली गई. डॉक्टर ने बताया कि युवती पिछले 3-4 महीनों से उनके पास आ रही है और उसका इलाज एक मनोचिकित्सक के पास भी चल रहा है. वह डिप्रेशन और एग्रेसिव बिहेवियर की शिकार है. डॉ.कार्तिकेय का कहना है कि चेकअप के काफी देर बाद कुछ लोग आए और अचानक हंगामा करने लगे. उन्होंने इसे अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताया है.
मामला शहर के एक रसूखदार डॉक्टर से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन सतर्क है. सिविल लाइंस पुलिस ने बताया कि युवती की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और मौके पर मौजूद स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके.
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