गाजियाबाद के पंजाब एंड सिंध बैंक में 16 मार्च को हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे शहर को दहला दिया था. 36 वर्षीय बैंक मैनेजर अभिषेक शर्मा की उनके ही सिक्योरिटी गार्ड रविंद्र हुड्डा ने अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी गार्ड ने अब इस कत्ल की पूरी कहानी बयां की है. रविंद्र के मुताबिक, मैनेजर द्वारा बार-बार किए जाने वाले अपमान और तू-तड़ाक वाली भाषा ने उसे इस कदर आहत किया कि उसने मैनेजर की जान लेने का मन बना लिया. यह घटना कार्यस्थल पर बढ़ते तनाव और व्यवहारिक तालमेल की कमी का एक डरावना उदाहरण पेश करती है.
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मुझसे 14 साल छोटा होकर भी करता था अपमान
आरोपी गार्ड रविंद्र हुड्डा जो सेना से 21 साल की सेवा के बाद रिटायर हुआ था ने पुलिस को बताया कि मैनेजर अभिषेक शर्मा उससे उम्र में 14 साल छोटे थे. रविंद्र का आरोप है कि अभिषेक अक्सर उसे महिला कर्मचारियों और अन्य स्टाफ के सामने तेज आवाज में डांटते थे और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते थे.रिटायर फौजी के लिए यह व्यवहार असहनीय होता जा रहा था.
छुट्टी के दिन कॉल और ड्रेस को लेकर विवाद
पूछताछ में सामने आया कि विवाद की जड़ केवल सैलरी ही नहीं बल्कि छुट्टी के दिन भी काम का दबाव था. रविंद्र ने बताया कि छुट्टी मांगने पर भी उसे डांटा जाता था और छुट्टी के दिन कॉल करके परेशान किया जाता था. 16 मार्च को वारदात वाले दिन, ड्रेस को लेकर हुई मामूली बहस ने आग में घी का काम किया. रविंद्र पहले से ही मन बनाकर आया था कि आज वह अभिषेक को खत्म कर देगा.
वारदात के बाद फरार और फिर गिरफ्तारी
गोली मारने के बाद रविंद्र अपने साथी शीशपाल के साथ मौके से फरार हो गया था. गाजियाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीमें गठित कीं और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया. पुलिस अब मामले की तह तक जाने के लिए अन्य चश्मदीदों और बैंक स्टाफ के बयान भी दर्ज कर रही है.
उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
मृतक अभिषेक शर्मा मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और उनकी शादी महज 3 साल पहले हुई थी. उनके भाई अभिमन्यु ने बताया कि अभिषेक का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव (पटना के पास) में किया जाएगा. एक पल के गुस्से ने जहां एक मासूम परिवार को उजाड़ दिया, वहीं एक पूर्व सैनिक को अपराधी बना दिया.
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