मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि अटूट आस्था और संकल्प का प्रतीक बताया है. बुधवार को लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह में सीएम योगी ने 555 यात्रियों को राज्य सरकार की ओर से ₹1 लाख की सम्मान राशि सौंपी. अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ का भी विशेष जिक्र किया.उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि कुछ लोगों ने महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को भड़काने और आस्था को डिगाने की कोशिश की थी. लेकिन वे अपनी साजिशों में पूरी तरह नाकाम रहे. सीएम ने स्पष्ट किया कि धार्मिक पर्यटन और यात्रियों की सुविधा सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है.
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श्रद्धालुओं को 1 लाख की आर्थिक सहायता
कैलाश मानसरोवर की दुर्गम यात्रा करने वाले उत्तर प्रदेश के निवासियों को प्रोत्साहित करने के लिए योगी सरकार ने 1 लाख की अनुदान राशि देने की व्यवस्था की है. इसी क्रम में 555 यात्रियों के बैंक खातों में यह राशि भेजी गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाना सरकार की संवेदनशीलता का हिस्सा है और यह सम्मान उनकी कठिन तपस्या का प्रतिफल है.
महाकुंभ और विरोधियों पर प्रहार
सीएम योगी ने महाकुंभ का उदाहरण देते हुए विरोधियों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा'महाकुंभ के दौरान कुछ तत्वों ने श्रद्धालुओं को भड़काने और व्यवस्थाओं में खलल डालने का प्रयास किया था. लेकिन भक्तों के विश्वास के आगे ऐसी तमाम कोशिशें धराशायी हो गईं.' उन्होंने आगे कहा कि महाकुंभ ने न केवल उत्तर प्रदेश की वैश्विक छवि बदली है बल्कि सुरक्षा और विकास की एक नई धारणा भी स्थापित की है.
धार्मिक पर्यटन का संवर्धन
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश अब धार्मिक पर्यटन के हब के रूप में उभर रहा है. अयोध्या, काशी और मथुरा के साथ-साथ मानसरोवर यात्रियों की सहायता करना राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित और सुलभ तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सके.
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