हरदोई में सपा नेता ने बीजेपी महिला नेता को लेकर की भद्दी टिप्पणी, फूट-फूटकर रोने लगीं प्रेमावती!

यूपी तक

• 02:10 PM • 02 Oct 2026

मुलायम सिंह यादव के बयान को लेकर हरदोई की राजनीति में महिला और दलित समाज पर विवाद हुआ है. बीजेपी नेता प्रेमावती ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

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उत्तर प्रदेश के हरदोई में समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष शराफत अली के एक बयान पर बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया है. गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सम्मेलन के दौरान शराफत अली ने बीजेपी की जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती (अनुसूचित जाति/धोबी समाज) को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी. उन्होंने कहा कि अगर मुलायम सिंह यादव ने आरक्षण व्यवस्था न बनाई होती तो प्रेमावती कुर्सी पर बैठने के बजाय किसी घाट पर कपड़े धो रही होतीं. इस टिप्पणी पर तीखा पलटवार करते हुए प्रेमावती ने कहा कि उन्हें अपने समाज पर गर्व है और यह अधिकार संविधान व बाबा साहेब आंबेडकर की देन हैं, किसी व्यक्ति विशेष की नहीं. उन्होंने सपा नेता के खिलाफ पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत कर SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने और जेल भिजवाने का ऐलान किया है.

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पीडीए सम्मेलन में बिगड़े सपा नेता के बोल

हरदोई के गोपामऊ में आयोजित पीडीए सम्मेलन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शराफत अली कहते सुनाई दे रहे हैं. यह वीडियो सामने आते ही बीजेपी और दलित समाज के नेताओं ने इसे दलित महिला का अपमान करार देते हुए विरोध शुरू कर दिया.

सपा नेता की टिप्पणी पर बीजेपी जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने बेहद तल्ख और स्वाभिमानी अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने कहा "धोबी समाज में जन्म लेना मेरे लिए गर्व की बात है. ईश्वर करे कि मैं हर जन्म में धोबी समाज में पैदा हूं और पढ़-लिखकर नए कीर्तिमान स्थापित करूं."

संविधान का आभार: "यह कुर्सी किसी मुलायम सिंह जी की देन नहीं है. 1950 में लागू हुआ बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का संविधान हमें यह अधिकार और आधारशिला देता है. यह किसी व्यक्ति विशेष का अहसान नहीं है."

माता-पिता की शिक्षा: "क्या मेरे माता-पिता ने मुझे इसीलिए पढ़ाया-लिखाया था कि मैं सिर्फ कपड़े धोऊं? शराफत अली की दिमागी हालत खराब हो चुकी है."

SC/ST एक्ट में केस और निष्कासन की मांग

प्रेमावती ने साफ कर दिया है कि वे इस मामले को सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी मानकर चुप नहीं बैठेंगी. वे हरदोई के पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित प्रार्थना पत्र देकर शराफत अली के खिलाफ SC/ST एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग करेंगी.

उन्होंने समाजवादी पार्टी नेतृत्व से मांग की है कि महिलाओं और दलित समाज पर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले शराफत अली को तुरंत पार्टी से निष्कासित किया जाए.