कौन होगा सपा का तीसरा राज्यसभा उम्मीदवार? अब्बास अंसारी और अखिलेश यादव की मीटिंग के क्या हैं मायने?

यूपी तक

• 02:09 PM • 02 Oct 2026

UP Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव को लेकर यूपी में सियासी हलचल तेज है. सपा ने राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि तीसरे उम्मीदवार के नाम पर अभी सस्पेंस बना हुआ है.

Google CTA

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं. समाजवादी पार्टी (सपा) अपने तीसरे उम्मीदवार को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रही है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार बैठकें कर रहे हैं, जिससे तीसरे कैंडिडेट के नाम को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं. सपा की ओर से राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी का नाम पहले से ही तय माना जा रहा है. हालांकि, तीसरे उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक समीकरण अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं. आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले, यह राज्यसभा चुनाव सपा के लिए एक अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है.

यह भी देखें...

अखिलेश की रणनीति और विधायकों का गणित

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने समर्थकों को वापस लाने और बागियों को मनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. फिलहाल यूपी विधानसभा में 7 सीटें खाली हैं, जिसके कारण राज्यसभा चुनाव के लिए वोटरों की संख्या में थोड़ा बदलाव आया है. सपा के पास इस वक्त 101 विधायक हैं, जिसके आधार पर उसकी दो सीटों पर दावेदारी पूरी तरह से मजबूत है. लेकिन पार्टी अब तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए हर संभव गणित बिठाने में जुटी हुई है.

मुस्लिम उम्मीदवार उतारने की चर्चा तेज

राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा अखिलेश यादव और सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी के बीच हुई हालिया बैठक को लेकर है. इस बैठक के बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि सपा का तीसरा उम्मीदवार मुस्लिम समुदाय से हो सकता है. अब्बास अंसारी के परिवार के सपा के साथ पारंपरिक संबंध इस स्थिति को और भी महत्वपूर्ण बना रहे हैं. दूसरी ओर, सपा के वरिष्ठ नेता सलीम शेरवानी के नाम को लेकर पार्टी में उथल-पुथल की स्थिति है, क्योंकि वह नाराज बताए जा रहे हैं.

क्या होगा अखिलेश का आखिरी फैसला?

राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार के चयन को लेकर राजनीतिक शह-मात का खेल तेज हो गया है. सपा हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अखिलेश यादव का तीसरा कैंडिडेट कोई मुस्लिम चेहरा होगा या फिर वह किसी अन्य पर भरोसा जताएंगे? इसका जवाब तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि इस चुनाव के नतीजे यूपी की राजनीति की भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.