Deoria Crime: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव में नई पक्की सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनवाने के विवाद में 50 साल के रामेश्वर तिवारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. रामेश्वर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं. इस निर्मम हत्या के बाद से पूरे गांव में दहशत और सन्नाटा है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.
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स्पीड ब्रेकर को लेकर हुआ था विवाद
गांव में रामेश्वर तिवारी के घर के सामने एक नई सड़क बिछाई जा रही थी. गाड़ियों की तेज रफ्तार को देखते हुए उन्होंने बच्चों और परिवार की सुरक्षा के लिए घर के सामने एक स्पीड ब्रेकर बनवाने की बात कही. लेकिन उनके पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते यह बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई कि बात मारपीट तक पहुंच गई.
गुस्साए पड़ोसियों ने किया जानलेवा हमला
यह मामूली सा झगड़ा कुछ ही मिनटों में एक खूनी साजिश में बदल गया. गुस्से में अंधे हुए पड़ोसियों ने बिना कुछ सोचे-समझे लाठी, डंडे और धारदार हथियार उठा लिए. हमलावरों ने रामेश्वर तिवारी पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला. वह लगातार मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन हमलावर उन्हें तब तक पीटते रहे जब तक वह खून से लथपथ होकर बेसुध जमीन पर नहीं गिर गए. इसके बाद सभी आरोपी मौके से भाग निकले.
अस्पताल पहुंचने पर हुई उनकी मौत
वारदात के बाद परिवार वाले बदहवास हालत में रामेश्वर को तुरंत पास के लार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए. उनकी गंभीर हालत और लगातार बहते खून को देखकर डॉक्टरों ने उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. लेकिन जैसे ही वे मेडिकल कॉलेज पहुंचे, डॉक्टरों ने रामेश्वर तिवारी को मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक खुद भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे. पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के लिए तीन विशेष टीमें बनाई हैं, जो लगातार छापेमारी कर रही हैं.
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