Kunda House Arrest: प्रतापगढ़ के कुंडा में एक बार फिर वैसी ही तस्वीर देखने को मिली जैसी हर साल मुहर्रम के दौरान सुर्खियों में रहती है. इस बार कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह समेत कुल 13 लोगों को प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर दिया है. भद्री महल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है. यह कार्रवाई गुरुवार सुबह लगभग 5 बजे से शुरू होकर शुक्रवार रात 9 बजे तक लागू रहेगी.
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प्रशासन ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि तय समय के दौरान किसी भी व्यक्ति को भद्री महल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी. आदेश की अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल लगातार तैनात है और पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
सुरक्षा और कानून व्यवस्था के तहत लिया गया फैसला
प्रशासन का कहना है कि यह कदम पूरी तरह से कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है. मुहर्रम और ताजिया जुलूस के दौरान इलाके में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है.
कुंडा में जिस मार्ग से ताजिया जुलूस निकलता है, उसी रास्ते पर स्थित हनुमान मंदिर में हर साल भंडारे की परंपरा को लेकर भी विवाद की स्थिति बनती रही है. प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी है, जिसके चलते हर साल एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती है.
2012 से शुरू हुआ विवाद, हर साल बढ़ती निगरानी
इस पूरे मामले की शुरुआत वर्ष 2012 से मानी जाती है. बताया जाता है कि शेखपुर गांव में एक बंदर की मौत के बाद हनुमान मंदिर निर्माण और मुहर्रम के दौरान भंडारे के आयोजन को लेकर विवाद शुरू हुआ था. समय के साथ यह मामला संवेदनशील बन गया, जिसके बाद प्रशासन ने इसे कानून व्यवस्था से जोड़ते हुए लगातार निगरानी बढ़ा दी.
तभी से हर साल मुहर्रम के समय प्रशासन विशेष सतर्कता बरतता है. एसडीएम और पुलिस प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी करती हैं और भद्री महल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती है ताकि किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न न हो.
भद्री महल के बाहर पुलिस छावनी जैसा माहौल
इस बार भी हालात कुछ अलग नहीं हैं. आदेश जारी होते ही भद्री महल के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया और अंदर मौजूद लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जाती है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्षों के कार्यक्रम एक ही समय और एक ही क्षेत्र में होने के कारण तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका रहती है, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया जाता है.
प्रशासन की सफाई और पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उदय प्रताप सिंह और 12 अन्य लोगों को यह आशंका जताते हुए हाउस अरेस्ट किया गया है कि वे मुहर्रम के दौरान कानून व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं. आदेश के अनुसार उन्हें निर्धारित समय तक अपने आवासीय परिसर से बाहर जाने से रोका गया है और परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात है.
हर साल चर्चा में रहता है कुंडा का यह मामला
कुंडा में हर साल दो तस्वीरें देखने को मिलती हैं-एक आस्था की और दूसरी प्रशासनिक सतर्कता की. यही वजह है कि मुहर्रम से पहले भद्री महल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी हमेशा चर्चा का विषय बन जाती है. अब देखना यह होगा कि यह परंपरा कब तक जारी रहती है और क्या भविष्य में इस विवाद का कोई स्थायी समाधान निकल पाता है या नहीं.
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