प्रतापगढ़ की श्रद्धा पांडे ने रचा इतिहास! UP की Asst. कमिश्नर अब बनेगी बिहार में SDM... BPSC में हासिल किया पहला रैंक

Shraddha Pandey BPSC Topper: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली श्रद्धा पांडे ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में पूरे राज्य में प्रथम स्थान (टॉपर) हासिल कर इतिहास रच दिया है.

यूपी तक

• 11:48 AM • 22 Jun 2026

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Shraddha Pandey BPSC Topper: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली श्रद्धा पांडे ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में पूरे राज्य में प्रथम स्थान (टॉपर) हासिल कर इतिहास रच दिया है. 20 जून 2026 को जारी हुए फाइनल रिजल्ट में रानीगंज क्षेत्र के पचरास गांव की श्रद्धा ने 593 अंक प्राप्त कर पहले ही प्रयास में यह ऐतिहासिक सफलता अर्जित की है. सबसे खास बात यह है कि बिना किसी कोचिंग के महज सेल्फ स्टडी करने वाली श्रद्धा वर्तमान में यूपी में असिस्टेंट कमिश्नर (GST) के पद पर तैनात हैं और अब बिहार में एसडीएम (SDM) का पदभार संभालने जा रही हैं.

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बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी से मिली सफलता

श्रद्धा पांडे की यह शानदार सफलता उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है, जो यह मानते हैं कि बिना महंगी कोचिंग के सिविल सेवाओं में मुकाम हासिल नहीं किया जा सकता है. श्रद्धा के पिता संतोष पांडे, जो पेशे से एक वकील और किसान हैं, उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने कभी कोई कोचिंग क्लास नहीं ली है. उन्होंने गर्व से कहा, 'वह सिर्फ सेल्फ स्टडी करती थी, जब इंटर में थी तभी से उसने ठान लिया था कि हमको प्रशासनिक सेवा में जाना है.' श्रद्धा ने गांव के पास ही एक लाइब्रेरी ज्वाइन कर रखी थी और वह अपनी पूरी एकाग्रता के साथ दिन-रात पढ़ाई में जुटी रहती थीं.

UPPCS में भी गाड़ चुकी हैं झंडे

बिहार की सबसे बड़ी परीक्षा में टॉप करने वाली श्रद्धा पहले ही उत्तर प्रदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं. पिता संतोष पांडे ने बताया, महज दो महीने पहले 28 अप्रैल को घोषित हुए यूपीपीसीएस (UPPCS) 2024 के रिजल्ट में श्रद्धा ने 153वीं रैंक हासिल की थी. उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास कर असिस्टेंट कमिश्नर (GST) के पद पर लखनऊ में तैनाती पाई थी. अब एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित करते हुए उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में बीपीएससी (BPSC) की प्री, मेंस और इंटरव्यू निकालकर बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है.

गांव के ही साधारण स्कूलों से हुई पूरी पढ़ाई

श्रद्धा की शैक्षिक पृष्ठभूमि बेहद साधारण और गांव के परिवेश से जुड़ी रही है. उनकी शुरुआती पढ़ाई घर से महज 500 मीटर दूर रानीगंज के मनीष मेमोरियल स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने संगम इंटरनेशनल स्कूल से इंटर, स्वामी करपात्री जी महाराज राजकीय महाविद्यालय से ग्रेजुएशन और कुंडी देवी कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) की पढ़ाई पूरी की. उनकी मां सुनीता पांडे, जो एक कुशल गृहिणी हैं, अपनी बेटी की मेहनत के बारे में बताती हैं, 'जितना टाइम मिलता था दिन भर पढ़ाई करती थी, रात में भी काफी रात तक वह पढ़ाई करती थी.'

परिवार और पूरे प्रतापगढ़ में है जश्न का माहौल

श्रद्धा की इस अभूतपूर्व कामयाबी की खबर मिलते ही उनके घर, गांव और पूरे प्रतापगढ़ जिले में खुशी और जश्न का माहौल है. बेटी की इस अद्वितीय सफलता पर खुशी से भावुक पिता संतोष पांडे कहते हैं, 'खुशी बहुत है, उसको व्यक्त नहीं किया जा सकता है, सिर्फ महसूस किया जा सकता है. बिटिया ने पूरे प्रदेश में अपना परचम लहराया है.' तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी श्रद्धा ने अपनी अटूट लगन से यह साबित कर दिया है कि अगर इंसान के हौसले मजबूत हों, तो सफलता को भी उसके सामने झुकना ही पड़ता है.