भंडारे में बेटी संग नजर आईं डिंपल यादव, तस्वीरों के वायरल होते ही यूपी की राजनीति में हलचल तेज!

Etawah News: इटावा में आयोजित भंडारे में सपा सांसद डिंपल यादव और उनकी बेटी की मौजूदगी की तस्वीरें सामने आने के बाद सियासी चर्चा तेज हो गई है. इस घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में जनसेवा और चुनावी रणनीति के बीच बहस शुरू हो गई है.

यूपी तक

• 12:55 PM • 24 Jun 2026

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Etawah News: उत्तर प्रदेश के इटावा से सामने आई तस्वीरों ने एक बार फिर सियासी माहौल को गर्म कर दिया है. यहां समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव अपने परिवार के साथ भंडारे में शामिल होती और प्रसाद वितरण करती नजर आईं. उनके साथ उनकी बेटी भी मौजूद थी. इन तस्वीरों के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है, जहां इसे जनसेवा और धार्मिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं इसे चुनावी रणनीति से भी जोड़कर बहस शुरू हो गई है.

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भंडारे में डिंपल यादव की मौजूदगी, बेटी भी दिखीं साथ

इटावा में आयोजित भंडारे के दौरान डिंपल यादव ने लोगों को प्रसाद (पूरी और सब्जी) वितरित किया. इस दौरान उनकी बेटी भी उनके साथ नजर आईं. यह कोई पहली बार नहीं है जब समाजवादी पार्टी के नेता भंडारे या धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रूप से दिखाई दिए हों. पिछले कुछ दिनों में भी पार्टी के कई नेता “बड़ा मंगल” जैसे अवसरों पर भंडारे आयोजित करते और उसमें शामिल होते देखे गए हैं.

समाजवादी पार्टी की “जनसंपर्क राजनीति” पर चर्चा

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, समाजवादी पार्टी पिछले कुछ समय से लगातार सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से जनता से जुड़ने की कोशिश कर रही है. चाहे मंदिरों में उपस्थिति हो, धार्मिक नेताओं से मुलाकात हो या भंडारे में सहभागिता-इन्हें एक व्यापक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.

इससे पहले भी अखिलेश यादव की सार्वजनिक गतिविधियां चर्चा में रही हैं, जहां वे धार्मिक आयोजनों और भंडारों में सक्रिय रूप से शामिल होते नजर आए हैं.

चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक हलचल

जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल नजदीक आता जा रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो रही हैं. भंडारे और धार्मिक आयोजनों को लेकर सियासी बयानबाजी भी बढ़ गई है. कुछ नेता इसे जनसेवा बता रहे हैं, तो कुछ इसे वोट बैंक की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं. इसी बीच, अन्य दलों के नेताओं की ओर से भी बयानबाजी देखने को मिल रही है, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है.

हादसों और प्रशासनिक मुद्दों पर भी उठे सवाल

इस दौरान इटावा में दिए गए बयानों में सिर्फ राजनीतिक ही नहीं बल्कि प्रशासनिक मुद्दों को भी उठाया गया. डिंपल यादव ने अस्पताल में भर्ती बच्चों के इलाज, फायर ब्रिगेड की देरी और हादसे की जांच को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की भी मांग की.

“सेवा भाव” और राजनीति पर बयान

भंडारे में मौजूदगी को लेकर डिंपल यादव ने कहा कि यह सेवा भाव से जुड़ा कार्य है, जो धर्म और समाज दोनों का हिस्सा है. वहीं उन्होंने राम मंदिर से जुड़े चंदे और कथित अनियमितताओं पर भी सवाल उठाते हुए जांच की मांग की.

विपक्षी नेताओं के बयान और आरोप-प्रत्यारोप

इसी बीच अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी में अंदरूनी मतभेद और बदलाव की स्थिति है. वहीं कुछ नेताओं ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं.