31 साल पुराने कांड का आरोपी EX मुस्लिम सलीम वास्तिक गिरफ्तारी के बाद DCP क्राइम ने ये कहा

सलीम खान ने नाम बदलकर सलीम वास्तिक बनकर कई वर्षों तक छुपकर रहना जारी रखा. पुलिस ने उसे हाल ही में गिरफ्तार किया है. वह 1995 के बच्चों के अपहरण और हत्या के केस में उम्रकैद की सजा पा चुका है. इस मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है.

यूपी तक

• 09:02 PM • 26 Apr 2026

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सोशल मीडिया पर सक्रिय और खुद को डिजिटल एक्टिविस्ट बताने वाले सलीम वास्तिक की गिरफ्तारी ने हर किसी को चौंका दिया है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जिस शख्स को सलीम वास्तिक के नाम से पकड़ा वह असल में 1995 के चर्चित संदीप बंसल अपहरण और हत्याकांड का सजायाफ्ता मुजरिम सलीम खान निकला. वह पिछले कई सालों से अपनी पहचान बदलकर गाजियाबाद के लोनी में रह रहा था.

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क्या है 1995 का खौफनाक मामला?

वर्ष 1995 में दिल्ली में 13 साल के संदीप बंसल का स्कूल से अपहरण कर लिया गया था.अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की मांग की थी. पुलिस जांच में पता चला कि स्कूल में मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देने वाला मास्टर सलीम खान ही इस वारदात के पीछे था. पूछताछ के दौरान सलीम ने अपना जुर्म कबूला और बताया कि उसने बच्चे की हत्या कर शव को मुस्तफाबाद के एक नाले में फेंक दिया था. अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

जमानत का गलत फायदा उठा हुआ फरार

सलीम खान को साल 2000 में जमानत मिली थी, लेकिन इसके बाद वह जेल वापस नहीं लौटा और फरार हो गया. 2011 में जब दिल्ली हाईकोर्ट ने उसकी अपील खारिज की, तो वह पूरी तरह गायब हो गया . दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का दावा है कि इतने लंबे समय तक वह अपनी पहचान बदलकर सलीम वास्तिक उर्फ सलीम अहमद बनकर रह रहा था और यूट्यूब पर वीडियो बना रहा था.

कैसे चढ़ा पुलिस के हत्थे?

हाल ही में 27 फरवरी को सलीम वास्तिक पर हुए एक हमले के बाद पुलिस की नजर उस पर टिकी थी. पुलिस को सूचना मिली थी कि 1995 का वांछित अपराधी लोनी में छिपा है। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल, सलीम खान को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है और उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है.