Salim Wastik Case Update: गाजियाबाद के लोनी इलाके में एक्स मुस्लिम यूट्यूबर और टीवी पैनलिस्ट सलीम वास्तविक का गला रेतने वाले दोनों सगे भाई गुलफाम और जीशान पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं. इस वारदात के बाद से ही दोनों भाई फरार चल रहे थे. पुलिस ने पहले छोटे भाई जीशान और फिर बड़े भाई गुलफाम को अलग-अलग मुठभेड़ों में ढेर कर दिया. बुधवार को जब पिता बुनियाद अली बड़े बेटे का शव लेने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो उन्होंने अपने बेटों के आपराधिक कृत्य और पुलिसिया कार्रवाई पर खुलकर बात की.
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'हमारे खानदान में कभी 151 का मुकदमा भी नहीं हुआ'
बेटों की मौत के बाद पिता बुनियाद अली ने बताया कि उनका परिवार लकड़ी का काम करता है और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है. उन्होंने बड़े गर्व और दुख के साथ कहा कि उनके दादा के जमाने से लेकर आज तक परिवार के किसी सदस्य पर धारा 151 का मुकदमा तक नहीं हुआ था. लेकिन बेटों ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया. इस दौरान उनके पिता ने कहा कि 'अगर मुझे जरा भी शक होता कि ये गलत रास्ते पर हैं तो मैं खुद इनका वो हाल करता जो शायद पुलिस ने भी नहीं किया होता.' उन्होंने बताया कि बड़ा बेटा गुलफाम शादीशुदा था और उसके दो छोटे बच्चे हैं जबकि जीशान अभी कुंवारा था.
एनकाउंटर पर उठाए सवाल
हालांकि बुनियाद अली ने पुलिस की कार्रवाई को पूरी तरह गलत नहीं ठहराया. लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि अगर उनके बेटों को मुठभेड़ में मारने के बजाय गिरफ्तार कर लिया जाता तो बेहतर होता. अदालत उनके गुनाहों का फैसला करती. उन्होंने कहा कि सजा देने वाला ऊपर वाला (अल्लाह) भी है.
मामा की मोटरसाइकिल और वारदात का लिंक
पिता ने यह भी स्पष्ट किया कि वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल उनके भांजे (लड़कों के मामा) के नाम पर थी. लेकिन किस्तें और उसका इस्तेमाल लड़के ही करते थे. उन्होंने कहा कि उनका भांजा बिल्कुल बेकसूर है और उसका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है.
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